Speech
Narendra Modi  ·  2026-09-19 00:00

India’s energy revolution is powering Viksit Bharat

साथियों आज का भारत पर्यावरण सुरक्षा के अपने प्राचीन विचारों को आधुनिक विजन में पिरोते हुए आगे बढ़ रहा है। बीते 12 वर्षों में पर्यावरण से जुड़े हर क्षेत्र में हर सेक्टर में भारत ने असाधारण प्रगति की है। हमारा बड़ा फोकस रिन्यूएबल एनर्जी पर रहा है और इसने पर्यावरण सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत जी20 में इकलौता ऐसा देश है। मैं जी20 के बड़े-बड़े लोग हैं ना उनके सामने बता रहा हूं। जी इकलोरता भारत ऐसा देश है जिसने पेरिस में कॉप 21 समिट में जो भी कमिटमेंट्स किए थे उन सारे कमिटमेंट्स को समय से पहले पूरा करके दिखाया है। यह हिंदुस्तान की ताकत की मैं बात कर रहा हूं। नॉन फसिल फ्यूल सोलर एनर्जी कैपेसिटी, कार्बन एमिशन पर रोकथाम, हर पैरामीटर पर भारत की परफॉर्मेंस दुनिया में आज सकारात्मक रूप से चर्चा का विषय है। आप आंकड़ों को देखिए। 12 साल पहले भारत की सोलर एनर्जी कैपेसिटी करीब 2 गीगावाट थी। 12 साल पहले दो गीगावाट। अगर यहां वकील बैठे हैं तो जरा ध्यान रखें आंकड़े कभी काम आएंगे। आज यह 160 गीगावाट से ज्यादा हो चुकी है। दो गीगावाट से 160 गीगावाट 12 साल में हमने पीएम सूर्यघर मुक्त बिजली योजना के तहत घरों को ही सोलर पावर जनरेशन का केंद्र बनाने का मिशन शुरू किया। इस योजना के तहत अब तक 50 लाख से ज्यादा घरों में रूफ टॉप सोलर पैनल्स लग चुके हैं। यह दुनिया के कई देशों के टोटल घरों से ज्यादा है। इसके लिए सरकार ने हर घर को करीब ₹00 तक की आर्थिक मदद दी है। कुसुम योजना के तहत सरकार ने 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप्स लगाने का काम किया है। हमने वन नेशन वन ग्रिड का एंबिशियस प्रोजेक्ट भी पूरा कर लिया है। इतना ही नहीं घरों में एलईडी बल्ब जो बिजली की बचत करने में सफल पुरवार हुआ है। करोड़ों की तादाद में एलईडी बल्ब्स घरों में पहुंचाए हैं। और इन प्रयासों के परिणाम आज हमारे सामने है। अकेले सोलर एनर्जी से ही भारत में करीब यह आंकड़ा भी वकीलों के लिए है। भारत में करीब 20 करोड़ टन कार्बन एमिशन रोकने में सफलता मिली है। साथियों, सोलर एनर्जी के साथ-साथ क्लीन एनर्जी के दूसरे सेक्टर में भी भारत ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। बीते 12 साल में देश की विंड एनर्जी कैपेसिटी तीन गुना बढ़ी है। हाइड्रो एनर्जी कैपेसिटी में काफी बढ़ोतरी हुई है। और अब देश न्यूक्लियर एनर्जी जनरेशन पर तेजी से काम कर रहा है। और जो लोग एनवायरमेंट पर लंबे-लंबे भाषण झाड़ते रहते हैं। यह जब न्यूक्लियर एनर्जी का काम मैं आगे बढ़ाऊंगा जब अदालत अदालतों में जाकर खड़े हो जाएंगे रोकने के लिए। इस सेक्टर में प्राइवेट पेलर्स को प्लेयर्स को भी लाने का रास्ता बनाया गया है। इन कोशिशों की वजह से आज भारत की नॉन फोसिल एनर्जी कैपेसिटी करीब करीब चार गुना बढ़ गई है। भारत कोयले के और अधिक स्वच्छ उपयोग के लिए कोल गैसिफिकेशन जैसी टेक्नोलॉजी को भी बढ़ावा दे रहा है।