Speech
Narendra Modi  ·  2026-09-17 00:00

India’s young talent has a role to play in the ‘chip’ future! Dive in to know..

साथियों सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में एक शब्द इस्तेमाल होता है टैप आउट। यह वह दिन होता है जब चीप डिजाइन पूरा होने के बाद प्रोडक्शन के लिए चली जाती है। लेकिन टैप आउट के बाद काम रुकता नहीं है। उसी दिन अगले वर्जन पर काम शुरू हो जाता है। और भारत भी यही कर रहा है। भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज शुरू कर दिया है। हमारे पहले फेज का साइज लगभग $8 बिलियन डॉलर्स का था। जबकि सेकंड फेज का 13.5 बिलियन डॉलर तक का हमने तय किया है। रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चलते हुए हमने इस सेक्टर में और भी रिफॉर्म्स किए हैं। अब इंटरनेशनल कंपनीज़ भी हमारे स्टार्टअप्स के साथ इंडियन डिज़ कंपनीज़ और ओसीआई ओन कंपनीज के साथ कोलबोरेशन कर सकती है। यानी पॉलिसीज हो, फंड्स हो, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क हो, आपके प्रोजेक्ट की सफलता के लिए जो कुछ भी चाहिए, वह हर कदम भारत सरकार उठा रही है। साथियों, हमारा प्रयास है कि भारत में फैबलेस कंपनीज की ग्रोथ हो और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज का क्रिएशन भी भारत में ही हो। अलग-अलग टाइप्स के कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स बनाने हो। सिलिकॉन फोटोनिक्स को इकोसिस्टम का हिस्सा बनाना हो। एआई इनेबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह सब जरूरी है। और इस दिशा में हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। इसके लिए जो फाउंडेशन चाहिए वह तैयारी हो चुकी है। सप्लाई चेन की मजबूती पर भी भारत का बहुत अधिक फोकस है। इसके लिए अनेक रिफॉर्म्स किए गए हैं। यहां जो इक्विपमेंट कंपनीज़ के लीडर्स हैं, मैं आपसे कहूंगा कि आप भी इसका लाभ उठाने में पीछे मत रहिएगा। केमिकल, गैसेस और मटेरियल्स के लिए, उसके लीडर्स के लिए भी भारत में सुनहरा अवसर उनका इंतजार कर रहा है। हम चाहते हैं कि पूरा इको सिस्टम एक साथ ग्रो करें। इसके लिए डिमांड पाइपलाइन भी तैयार है। अभी तक 12 प्रोजेक्ट्स को अप्रूवल मिल चुका है और नेक्स्ट फेज में यह दायरा और बढ़ेगा। साथियों भारत में आप सभी के लिए एक और एडवांटेज यूथ का है। टैलेंटेड स्किल मैन पावर का है। आज हमारे पास इंजीनियरिंग टैलेंट का बहुत बड़ा पूल है। भारत में हजारों इंजीनियरिंग कॉलेजेस है। और भारत हर साल लाखों इंजीनियर्स प्रोड्यूस करता है। एक बार मुझे अमेरिका के एक कंपनी के सज्जन मिलने आए थे। तो बोले हम हमारे यहां अगर इंजीनियर्स के लिए भर्ती करना चाहे उनको बुलाएं तो एक कमरे में आ जाए इतने लोग आते हैं और बोले हिंदुस्तान में बुलाए तो फुटबॉल का मैदान भी छोटा पड़ जाता है यह ताकत है भारत की और साथियों चीप डिजाइनिंग के लिए तो बहुत बड़े पैमाने पर स्केलिंग का काम चल रहा है। अभी मुझे यहां आने से पहले यहीं पर कैंपस में इंडस्ट्री जुड़े कुछ युवा साथियों से मैंने मुलाकात भी की है। सारे स्टूडेंट्स से इन स्टूडेंट्स ने मुझे अपनी डिजाइन की गई चिप्स उपहार में दी है। हमारी सरकार 1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए ट्रेन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। और अभी आपको बताया गया इसमें से 70 हजार से ज्यादा नौजवानों को ट्रेनिंग दी भी दे चुके हैं हम लोग। इतना बड़ा टैलेंट पूल आप सभी के लिए भी एक तरह से गोल्ड माइंड से कम नहीं है। साथियों सरकार के इन प्रयासों के बीच मैं आज युवाओं से भी आह्वान करूंगा जो यंग टैलेंट्स भारत में रिसर्च कर रहे हैं वे आगे आए। जो युवा विदेशों में रिसर्च कर रहे हैं वे भी भारत में एडवांस टेक्नोलॉजीस के डेवलपमेंट से जुड़े। मैं इंडस्ट्री लीडर से आग्रह करता हूं। आप देश में आरएडी को लीड करें। इसमें इंडस्ट्री का भी फायदा है और भारत की युवा शक्ति को भी इससे ताकत मिलेगी।