Speech
Narendra Modi  ·  2026-09-13 00:00

PM's welcome remarks: BRICS Session on Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability

योर हाईनेस एक्सीलेंसी नमस्कार ब्रिक्स के विस्तृत परिवार में आप सभी का हार्दिक स्वागत है। आज यह सभागार अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियां और विकास यात्राओं को एक साथ जोड़ रहा है। यह ब्रिक्स की बढ़ती ताकत, आकर्षण और अभूतपूर्व विश्वास का प्रमाण है। फ्रेंड्स, भारत की अध्यक्षता में हमने सभी प्रयास रिजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन, सस्टेनेबिलिटी इन चार स्तंभों पर केंद्रित किए हैं। मुझे खुशी है कि आप सबके सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विज़ को विन सहयोग में बदल सके। आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सामान्य मानवी के जीवन पर उसका बहुत ही नेगेटिव प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव हो रहा है। महामारियां, क्लाइमेट डिजास्टर्स और सप्लाई चेन डिसरप्शन ने दिखाया है कि आज के इंटरकनेक्टेड वर्ल्ड में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए हमने ब्रिक्स समूह में रिजिलेंस बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। चुनौतियों को समयरते पहचानना उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्यवाही करना भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ इनफेशियस डिसीज के प्रिवेंशन और रिस्पांस के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम पर सहमति बनी है। डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए अर्ली वार्निंग डाटा इंटीग्रेशन गाइडलाइन तैयार की गई है। ब्रिक्स लॉजिस्टिक सप्लाई चेन कोपरेशन फ्रेमवर्क हमारी सप्लाई चे को अधिक रिलायबल रेिलियंट बनाने में सहायक होगा। फ्रेंड्स इनोवेशन के अंतर्गत ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा। इनोवेटिव और स्केलेबल सॉलशंस को बढ़ावा देने के लिए हमने ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा है। ब्रिक्स नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर किसानों के लिए नई संभावनाएं तैयार करेगा। इसके माध्यम से एआई जियो स्पेशल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं के साथ जोड़ा जाएगा। टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है। इसलिए हमने टेक्नोलॉजी के एडप्शन में इंक्लूसिविटी पर बल दिया है। फ्रेंड्स, भारत ने ब्रिक्स के मंच से मित्रता, सहभागिता और सहयोग को आगे बढ़ाया है। हमारा प्रयास रहा है कि ब्रिक्स कोपरेशन केवल सरकारों तक सीमित ना रहे। हमारे एंटरप्रेन्यर्स, फार्मर्स, रिस्चरर्स, वुमेन, यूथ और सामान्य नागरिक भी इसके सक्रिय भागीदार बने। हमने ब्रिक्स कनेक्ट के माध्यम से स्किल्स, एंप्लॉयबिलिटी, वुमेन इन वर्क फोर्स, सोशल सिक्योरिटी और कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावा दिया है। छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए मार्केट से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल का इनिशिएटिव लिया गया है। हमारे शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिससेस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है। फ्रेंड्स, भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है। सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक दूसरे के विकल्प नहीं पूरक है। ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है। यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है। यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है। इस दिशा में हमने कई पहलुओं पर प्रगति की है। स्मार्ट ग्रीड्स और एनर्जी स्टोरेज के लिए हमने ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया है। यह हमारे क्लीन एनर्जी सिस्टम्स को अधिक रिलायबल, एफिशिएंट और एक्सेसबल बनाने में मदद करेगा। एग्रो इकोलॉजी और री जनरेटिव एग्रीकल्चर के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस पारंपरिक ज्ञान को मॉडर्न साइंस से जोड़ेंगे। कम्युनिटी बेस्ड क्लाइमेट एडप्टेशन के लिए तैयार किए गए सिद्धांत इंडीजीनियस नॉलेज को क्लाइमेट एक्शन का महत्वपूर्ण आधार बनाएंगे। फ्रेंड्स, इन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए ब्रिक्स के माध्यम से हमने इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। क्योंकि हमारा मानना है कि ब्रिक्स में विकसित सॉलशंस का लाभ केवल ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन्हें ग्लोबल साउथ की आवश्यकताओं के अनुरूप एडप्टेबल और एक्सेसबल बनाना चाहिए। साथियों मैं मेरे निजी अनुभव से कह सकता हूं कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है क्योंकि ब्रिक्स में उनकी आवाज सुनी जाती है। उनके अनुभव का सम्मान होता है और सॉल्यूशन उनके लिए ही नहीं उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं। ब्रिक्स की शक्ति हमारी डायवर्सिटी और कोऑपरेशन में है। वी मे बी रूटेड इन डिफरेंट रियलिटीज बट टुगेदर वी राइज थ्रू कोऑपरेशन एंड ब्लोसम फॉर ह्यूमैनिटी। हमारी विविधता हमारी पहचान रहे। हमारा सहयोग, हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।