Speech
Narendra Modi  ·  2026-09-11 00:00

PM Modi's remarks during BRICS Business Forum at Bharat Mandapam

एक्सीलेंसीज ब्रिक्स बिजनेस कम्युनिटी के लीडर्स इनोवेटर्स और फ्रेंड्स नमस्कार ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आप सभी का हार्दिक स्वागत है। इस वर्ष हम ब्रिक्स के 20 इयर्स मना रहे हैं। 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें केवल चार देश थे। आज ब्रिक्स और ब्रिक्स पार्टनर्स मिलाकर 21 कंट्रीज का हमारा परिवार है। आज ब्रिक्स के देश विश्व की 50% पपुलेशन 40% जीडीपी और 25% से अधिक ट्रेड को रिप्रेजेंट करते हैं। इतना ही नहीं इन वर्षों में जहां ग्लोबल जीडीपी करीब ढाई गुना हुई है, वहीं ब्रिक्स देशों की कंबाइंड जीडीपी करीब सा गुना हुई है। यानी ब्रिक्स की इकोनॉमिक स्ट्रेंथ दुनिया की तुलना में करीब दो गुनी रफ्तार से बढ़ी है। ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉलशंस के लिए महत्वपूर्ण सेंटर्स भी बन रहे हैं। ग्रास रूट से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजीस तक हमारे देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएं आकार ले रही है। ब्रिक्स की बढ़ती स्केल, स्पीड और ऑप्टिमिज्म हमारे बीच साफ दिखाई दे रही है। भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है। [प्रशंसा] फ्रेंड्स, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम है बिल्डिंग फॉर रेजिलियंस इनोवेशन कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी इकोनॉमिक और ट्रेड पॉलिसीज का आधार बनाया है। रेिलियंस की बात करें तो भारत ने एनर्जी से लेकर टेक्नोलॉजी तक सप्लाई चेस को अधिक डायवर्सिफाइड और रिलायबल बनाया है। इसी रेजिलियंस का परिणाम है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत आज ग्रोथ और स्टेबिलिटी का भरोसा दे रहा है। हम रोड्स, रेलवे पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। साथ ही शिप बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक जैसे स्ट्रेटेजिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं तैयार कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में भारत ग्लोबल बिजनेसेस के लिए नए अवसरों का केंद्र बन रहा है। इसलिए मेक इन इंडिया इनोवेट वि इंडिया स्केल फॉर द वर्ल्ड फ्रेंड आज भारत में एक स्टार्टअप रिवोल्यूशन हो रहा है। 2 लाख के अधिक स्टार्टअप्स और 120 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ भारत आज ग्लोबल सॉलशंस का हब बन रहा है। इसकी एक झलक आपको ब्रिक्स भारत इनोवेट एक्सपो में दिखाई देगी। हमारे स्टार्टअप्स एआई एजुकेशन और हेल्थ केयर को ट्रांसफॉर्म कर रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरीज पर काम कर रहे हैं और डिफेंस और स्पेस में भी नए फ्रंटियर्स पार कर रहे हैं। अब हमें ब्रिक्स के माध्यम से भी इन वर्ल्ड क्लास इनोवेशंस को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाना है। फ्रेंड्स, भारत इनोवेशन स्टोरी की एक और विशेषता है। इनोवेशन एट पॉपुलेशन स्केल भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यूपीआई इसने पॉपुलेशन स्केल पर फाइनेंशियल इंक्लूजन और डिजिटल ट्रांजक्शन को नई गति दी है। आज विश्व के 50% रियल टाइम पेमेंट्स इसी टेक्नोलॉजी पर होते हैं। और इस डिजिटल लेयर पर नए सॉलशंस बनाने के लिए हमने इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स को एक ओपन इको सिस्टम दिया है। हमें गर्व है कि भारत के इस वर्ल्ड क्लास इको सिस्टम को कई देश अपना रहे हैं। ब्रिक्स देशों के इनोवेटर्स भी इस एक्सपीरियंस के आधार पर अपने देशों के लिए नए सॉल्यूशन तैयार कर सकते हैं। फ्रेंड्स, आज जब दुनिया में ट्रेड बैरियर्स बढ़ रहे हैं। भारत इकोनॉमिक ब्रिजेस बना रहा है। 2014 के बाद से हमने दुनिया के करीब 40 कंट्रीज के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। इसमें भी हमारी अप्रोच यही है कि बैरियर्स को कम करना और बिजनेसेस के लिए अवसर बढ़ाना। इसलिए हमारी अध्यक्षता में हमने एग्रीकल्चर, हेल्थ, स्किल्स और स्मार्ट गिड्स जैसे क्षेत्रों में नए कोऑपरेशन नेटवर्क का गठन किया है। स्टार्टअप्स और एसएमईस को मार्केट और फाइनेंस से जोड़ने के लिए हमने ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहले की है। इन सभी कोऑपरेशन फ्रेमवर्क्स का लाभ आप सभी उठा सकते हैं और हमारे देशों के बीच इन्वेस्टमेंट और टैलेंट का आदानप्रदान बढ़ा सकते हैं। फ्रेंड्स, ग्लोबल ट्रेड तभी आगे बढ़ सकता है जब सी लेंथ सिक्योर हो। सप्लाई रूट्स ओपन हो और सी फेरर्स सेफ हो और इसलिए भारत फ्रीडम ऑफ नेविगेशन और सी फेरर्स की सेफ्टी का दृढ़ समर्थक है। ब्र वमस विंग्स बिजनेस अलायंस भी हमारे विज़न का अहम हिस्सा है। हम चाहते हैं कि वीमेन एंटरप्रेन्यर्स हमारी ग्रो स्टोरी को लीड करें। हमें बहुत खुशी है कि भारत में आयोजित इस अलायंस की मीटिंग में करीब 200 वमेन बिजनेस लीडर्स ने भाग लिया है। फ्रेंड्स आज जब ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है। ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से मेरा आग्रह रहेगा क्या आप ब्रिक्स देशों के बीच टॉप 10 टॉप 10 ट्रेड बैरियर हटाने के लिए रिपोर्ट बना सकते हैं क्या हम हर वर्ष 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे ब्रिक्स मार्केट्स में स्केल करने के सपोर्ट कर सकते हैं। क्या हम अपने बिजनेसेस के बीच हजार नई पार्टनरशिप विकसित कर सकते हैं? इन तीनों मापदंडों पर हमें हर वर्ष अपनी प्रोग्रेस को रिव्यू करना चाहिए। आइए ब्रिक्स के एंबिशन को एक्शन में और कलेक्टिव स्ट्रेंथ को ग्लोबल सॉलशंस में बदले। ब्रिक्स आगे बढ़े और दुनिया को भी आगे बढ़ाए। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।