Speech
Narendra Modi  ·  2026-09-08 00:00

How can fintech level up? PM's guide to unlocking potentials, tune in.

साथियों टेक्नोलॉजी इंक्लूजन का सबसे प्रभावी टूल है और यूपीआई ने करके दिखाया है। जब फिनटेक की बात आती है तो इसका यूनिक फीचर ही वहां पहुंचने का होना चाहिए। जहां ट्रेडिशनल मॉडल नहीं पहुंच पाए। जहां पारंपरिक बैंक नहीं पहुंच पाए। जहां बैंक ब्रांच नहीं पहुंच पाई। यूपीआई ने बैंकिंग व्यवस्था को उस स्थान उस व्यक्ति तक पहुंचा दिया है। साथियों आज फinटेक बाजार का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ पेमेंट्स का है। लेकिन अब हमें यहां से नेक्स्ट लेवल पर ले जाना है और तेजी से जाना है। अब फinटेक मार्केट में पेमेंट्स के साथसाथ क्रेडिट ट्रांजक्शन का हिस्सा भी बढ़ना चाहिए। इंश्योरेंस का हिस्सा बढ़ना चाहिए। सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट्स और पेंशन का हिस्सा बढ़ना चाहिए। साथियों मैं समझता हूं फिनटेक देश की उस ताकत को उभार सकता है जो अभी ट्रेडिशनल फाइनेंसियल मॉडल्स की रीच से बाहर है या उस प्रकार से एड्रेस नहीं हो पा रही है। विकसित भारत के लिए इस ताकत का उभार बहुत जरूरी है। साथियों इसका इफेक्ट इंपैक्ट क्या होता है? यह हम सभी पीएम स्वनिधि की सफलता से देख ही रहे हैं। हमारे स्ट्रीट वेंडरर्स शहरों की रीड है। लेकिन ये देश के बैंकिंग सिस्टम से फॉर्मल क्रेडिट सिस्टम से बाहर थे। पीएम स्वनिधि ने देश के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को फॉर्मल सिस्टम से जोड़ा। और अब इन साथियों के पास भी स्वनिधि क्रेडिट कार्ड है। यानी इनके पास एक फॉर्मल क्रेडिट एक्सेस का टूल है। और स्टडीज बताती है कि स्वनिधि के इन बेनिफिशरीज की एवरेज एनुअल इनकम 20% से ज्यादा बढ़ी है। यही नहीं इससे इन परिवारों की हाउसिंग, न्यूट्रिशन, हेल्थ केयर एक्सेस और बच्चों की एजुकेशन इनमें भी बहुत सुधार हुआ है। इसलिए सरकार ने स्कीम को 2030 तक बढ़ाने का फैसला भी लिया है। साथियों पीएम स्वनिधि को यह सफलता हासिल ही नहीं होती अगर यूपीआई ही ना होता। इस स्कीम की सफलता में यूपीआई की एक बहुत बड़ी भूमिका है। इसी अनुभव से सीखते हुए हमें फिनटेक की ताकत से इकोनॉमिक एक्टिविटीज को और बढ़ाना है। मैं आपको कैपिटल और क्रेडिट की दुनिया से एक उदाहरण देता हूं। एक बहन है जो छोटी दुकान चलाती है। उसको हर दिन डिजिटल पेमेंट मिलता है। अब उसकी इनकम और खर्च में एक क्लियर पैटर्न दिखता है। उसका बिजनेस काफी अच्छा चल रहा है। वो उस लेवल से आगे बढ़ चुकी है जहां कम कैपिटल भी काफी था। अब उसे अपने बिजनेस को स्केल अप करने के लिए सामान चाहिए, इक्विपमेंट चाहिए और इसके लिए थोड़े ज्यादा पैसों की जरूरत है। यह बहुत बड़ा क्रेडिट नहीं है और उस बहन का बिजनेस अभी भी इतना छोटा है कि ट्रेडिशनल क्रेडिट मॉडल उसको एफिशिएंट सर्विस नहीं दे सकते। इस प्रकार के बिजनेस है जिनकी जरूरतों को फिनटेक एनालाइज एंटीिसिपेट और एड्रेस कर सकते हैं। और ऐसे बिजनेस की संख्या बहुत बड़ी है। साथियों टेक्नोलॉजी हमें ऐसे बिजनेसेस की इकोनॉमिक एक्टिविटीज को स्टडी करने और उनके लिए क्यूरेटेड मॉडल डिजाइन करने में बहुत काम आ सकती है। मेरा मानना है कि फिनटेक का नेक्स्ट चैप्टर यही लिखा जाएगा। हमने पेमेंट्स में स्पीड और स्केल दिखाई है। अब हमें नॉन पेमेंट्स ट्रांजक्शन का शेयर बढ़ाने में मदद करनी होगी। जैसे कोई डिलीवरी पार्टनर है या अपना कोई छोटा-मोटा काम करने वाला व्यक्ति है वो हर महीने कमाता है। लेकिन उसे सेविंग्स और पेंशन प्रोडक्ट जैसी सर्विज तक एक्सेस चाहिए। ऐसे लोगों की जरूरतों को फिनtक एड्रेस कर सकता है। ऐसे ही फिनtक इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स और अन्य फाइनेंसियल सर्विस तक भी एक्सेस आसान बना सकता है। यह सब भी उतने ही सरल, सहज और सुलभ हो सकते हैं जितना आसान आज क्यूआर कोड से पेमेंट करना है।