PM calls for stronger cybersecurity, ethical data protection and much more, check out!
साथियों 21वीं सदी का पहला क्वार्टर खत्म हो चुका है। अब हम साल 2026 में है। अब दूसरा क्वार्टर हमारे लिए और भी नई संभावनाओं लेकर आया है। एजेंटिक एआई टोकनाइजेशन क्वांटम ऐसी टेक्नोलॉजीस फाइनेंशियल सेक्टर में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। अब हमारे सामने चुनौती है। इन संभावनाओं को वास्तविक इंपैक्ट में कैसे बदले? और इसके लिए मैं चाहता हूं हमारी फिनटेक कंपनियां साथ मिलकर कुछ टास्क अपने लिए सेट करें और उसके लिए मैं कुछ सुझाव भी आपके बीच रखना चाहता हूं। पहला हमें भारत में साइबर सिक्योरिटी को टॉप नच बनाना है। दूसरा हमारी इंडस्ट्री के पास अपने एथिकल डाटा प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड्स होने चाहिए। तीसरा हमें एक मजबूत फिनटेक रेगुलेटर इंडस्ट्री इनोवेशन इकोसिस्टम बनाना है और चौथा हमारे पास एक फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स होना चाहिए जिसके आधार पर हर कंपनी की पारदर्शी रेटिंग हो सके। अगर हम इन कसटियों पर खुद को कसेंगे तो भारत का फिनटेक सेक्टर असंख्य पॉसिबिलिटीज का गेटवे बन सकता है। हमारे पास अनुभव भी है। उसे जमीन पर उतारने का तरीका भी है। इसलिए हमें तेजी से काम करना है।