Speech
Narendra Modi  ·  2026-08-15 00:00

An end to decades-old challenges, Bharat now looks towards a new dawn!

मेरे प्यारे देशवासियों 21वीं सदी में दशकों पुरानी जो चुनौतियां हैं उन चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है। नक्सलवाद माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया। अनेक माताओं के दुधमल नौजवानों को छीन लिया। बर्बाद कर दिया। हर मां-बाप के सपनों को चूरचूर कर दिया। इस नक्सलवाद ने चारचार दशक तक हिंदुस्तान के बहुत बड़े हिस्से को बहुत बड़ी आबादी को दबोच करके रखा था। बंदूक के नोक पर दबोच करके रखा था। संविधान की धज्जियां उड़ा दी थी। और देश के सामान्य नागरिकों की रक्षा में 3000 से ज्यादा हमारी पुलिस के सुरक्षा बल के जवान शहीद हो गए। युद्ध के अंदर जितने सैनिक मरते हैं उससे ज्यादा हमारे पुलिस जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी ताकि देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा मिले। ये नक्सलवाद ने धरती को लहूलुहान कर दिया था। 2014 में आपने जब हमें मौका दिया उसी दिन हमने संकल्प लिया था कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे और आज मुझे खुशी है कि नक्सली माओवादी हिंसा आखिरी सांस भी शायद रहने की अब तो ताकत नहीं रही है। पूरी तरह उसे खत्म करने की दिशा में जहां पर कभी नक्सलवादियों की गोलियां चलती थी। जहां पर कभी धरती रक्त रंजित रहा करती थी। आज उसी नक्सल क्षेत्रों में उसी इलाकों में नक्सल मुक्त होने के कारण विकास विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है। मेरे प्यारे देशवासियों लेकिन इस चुनौती को हमने कम नहीं आंकड़ा है। इस चुनौती से हमें और भी सावधान रहने की जरूरत है। वर्षों तक देश की सत्ता में माओवादी सोच के लोग गलियारों में अपनी जगह बना करके बैठे थे। सरकारी कमेटियों में सलाहकार के रूप में भी यह माओवादी सोच ने नीतियों को प्रभावित किया था। मेरे प्यारे देशवासियों जंगलों में जंगलों में हमें हथियारी नक्सलों का खात्मा बुलाने में उस संकट से देश को मुक्त कराने में सफलता मिली है। लेकिन हथियारी नक्सल तो गए लेकिन दिमागी नक्सल ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। हिंसा अराजकता के वह रास्ते खोज रहे हैं। समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांतिभांति के दांव कर रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन दिमागी नक्सलियों को आइसोलेट करना होगा और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्य धारा की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा।