From IIT Delhi to the world of tomorrow - this is how PM interacted with the graduates..
साथियों आज आप ऐसे समय में इस इंस्टिट्यूट से निकल रहे हैं जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। आज दुनिया की स्ट्रेटेजिक इक्वेशन बहुत तेजी से बदल रही है। ग्लोबल पावर बैलेंस भी प्रतिपल बदल रहा है। और इसके पीछे सबसे बड़ी फोर्स है टेक्नोलॉजी की स्पीड। आज कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि अगले 20 30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी। लेकिन साथियों जब जब बदलाव का दौर आता है तबत चुनौतियां भी आती है और नए अवसर भी पैदा होते हैं। दुनिया बदलेगी, टेक्नोलॉजी भी बदलेगी, इंडस्ट्रीज बदलेगी, प्रोफेशंस भी बदलेंगे। लेकिन इन सबके बीच मेरी बात याद रखिएगा जो सीखेगा वो जीतेगा [प्रशंसा] जो नए चैलेंजेस के नए सॉलशंस खोजने का साहस रखेगा चैलेंजेज उसके लिए चांसेस बन जाएंगे और आपने यही तो आईआईटी दिल्ली से सीखा है। आखिर आपकी ये डिग्री क्या कहती है? क्या सिर्फ इस बात का प्रमाण है कि आपने एग्जाम पास किया? अच्छा सीजीपीए हासिल किया। या एक अच्छा प्लेसमेंट हासिल किया। निश्चित रूप से इन सबका अपना महत्व है। लेकिन मुझे लगता है आपकी डिग्री दुनिया को यह बताती है कि आप कठिन समस्याओं का समाधान करना जानते हैं। [प्रशंसा] आप अपने आईआईटी दिल्ली के सफर को याद कीजिए। यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। यहां की पढ़ाई भी आसान नहीं थी। लेकिन आपने हार नहीं मानी। यह डिग्री आपको एक दिन में नहीं मिली। एक-एक विषय एक-एक प्रोजेक्ट मिड सेम एंड सेम इन्हीं छोटे-छोटे कदमों ने आपको यहां तक पहुंचाया है। जीवन भी इसी सिद्धांत पर चलता है। जब कभी कोई चुनौती बहुत बड़ी लगे तो उससे घबराइए मत। उसे छोटेछोटे हिस्सों में बांट दीजिए। आपने खुद देखा है कैसे लैब में कोई प्रॉब्लम डेढ़ एंड तक यानी लगने लगती थी। सिमुलेशन में सॉल्यूशन खोजने में घंटे या दिन निकल जाते थे। [प्रशंसा] लेकिन फिर आपने प्रॉब्लम सॉल्व भी की और कुछ नया लेकर भी आए। इसी तरह लाइफ में भी मुश्किलें आएगी लेकिन मुश्किलों का स्वभाव होता है। वह अकेली नहीं आती है। मुश्किल जब आती है ना तो साथ-साथ मौके भी लेकर आती है। [प्रशंसा] सबको बस अलर्ट रहना है, सतर्क रहना है। इस संस्थान ने जो सिखाया है उसे बार-बार याद रखना है।