PM Modi’s address at the launch of development projects in Balotra, Rajasthan | English Subtitles
भारत माता की जय भारत माता की जय राजस्थान के राज्यपाल हरि भाव बागड़े जी यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी जी प्रेमचंद बैरवा जी राजस्थान सरकार के सभी मंत्रीगण सांसद और विधायक साथी और मेरे प्यारे भाइयों बहनों मुझे बताया गया कि आज राजस्थान में 10 12 हजार स्थान पर लाखों की तादाद में इस कार्यक्रम में लोग जुटे हैं। और अभी मैं स्क्रीन पर भी देख रहा था। जहां भी देखूं लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। टेक्नोलॉजी के माध्यम से राजस्थान के कोनेकोने से जुड़े हुए सभी मेरे राजस्थान के भाई बहनों को भी मैं यहां से प्रणाम करता हूं। साथियों गर्मी के एक मौसम में स्थान स्थान पर इतनी बड़ी मात्रा में लोगों का एकत्र आना हम सबको आशीर्वाद देना यह दिखाता है कि भाजपा सरकार के प्रयासों पर आपका विश्वा विश्वास कितना बुलंद है। मैं समर्थन और स्नेह के लिए राजस्थान की माटी का रणी हूं। भाइयों बहनों ये धरती अनगिनत वीरों के की साक्षी रही। इस रण के कण कण में कण कण ने हमें स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की सीख दी है और स्वाभिमान व्यक्ति का या फिर स्वाभिमान देश का वो तभी ऊंचा हो रह सकता है जब वो आत्मनिर्भर हो दूसरों पर कम से कम निर्भर हो। आज राजस्थान की इस धरती से भारत में विकसित होने आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। आज इस रिफाइनरी को देश को समर्पित किया गया है। ये रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी। मैं राजस्थान के युवाओं को इस रिफाइनरी की विशेष तौर पर बधाई देता हूं। साथियों आज का दिन साक्षी है कि बीजेपी सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती है। बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन रात एक कर देते हैं। दो महीने पहले यहां जो हादसा हुआ उसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना। यह भी परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है। आप सब ने दिखा दिया है चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी और अप्रत्याशित क्यों ना हो नया भारत अपने संकल्पों से ना पीछे हटता है और ना ही अपनी रफ्तार कम करता है। भाइयों बहनों आज राजस्थान में विकास के कई और भी कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। आज ही जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया गया है। और मैं सोशल मीडिया में देख रहा था कि नए टर्मिनल का आर्किटेक्चर इंटीरियर यह सोशल मीडिया में छाया हुआ है। चारों तरफ राजस्थान ही राजस्थान दिख रहा है। साथियों यह मारवाड़ में पर्यटन व्यापार और रोजगार को नई गति देगा। इस कार्यक्रम में जो लोग जोधपुर से जुड़े हैं, मैं उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। जोधपुर से ही आज उड़ान योजना के नए चरण की भी शुरुआत हुई है। इसके तहत छोटेछोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। साथ ही अब जयपुर में मेट्रो का विस्तार भी होने जा रहा है। भाइयों बहनों शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी अब खत्म होने जा रहा है। मैं इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए राजस्थान के मेरे भाई बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों आज राजस्थान के करीब 54,000 युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र भी मिला है। मैं नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं और उनका युवा मन राजस्थान के उज्जवल भविष्य को और मजबूती देगा। मैं सबको शुभकामनाएं देता हूं। साथियों आज राजस्थान की इस धरती से मैं देश के एक और सामर्थ्य की चर्चा करूंगा। आप भी देख रहे हैं पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में। हाहाकार मचा हर देश त्रस्त है। इस युद्ध में 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया। बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं। लेकिन साथियों 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छा शक्ति और भारत के प्रयास इस संकटों पर भारी पड़े हैं। भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए। संकट का समय रहते सटीक आकलन किया। प्रभावी रणनीति बनाई। भारत के संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया। भारत की डिप्लोमेटिक पावर का सकारात्मक इस्तेमाल किया और तब जाकर भारत संकट से उभर पाया है। साथियों जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी। तब किस खेल पर दिन रात काम हो रहा था। किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था। वो मेहनत, वो प्रयास, वो धैर्य, नीतिगत स्तर पर, कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए एक एक-एक संवेदनशील कदम कभी ना कभी इतिहास लिखेगा। यह सब अभूतपू है। मैं एक उदाहरण देता हूं। रसोई गैस यानी एलपीजी के विषय में। हम सब जानते हैं हमारी जरूरतों की करीब 60% एलपीजी अन्य देशों से आयात की जाती थी और इसमें से भी 90% एलपीजी गल्फ देशों से आ रही थी और मुझसे होकर के आ रही थी और अचानक से युद्ध के हालातों ने उस सप्लाई को लगभग बंद कर दिया। आप अंदाज लगा सकते हैं हमारे देश में कितना बड़ा हाहाकार मचने जा रहा था। लेकिन राजस्थान की इस धरती ने हमें चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है और इसलिए हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरीज के सामर्थ्य पर फोकस किया औद्योगिक काम के लिए जो गैस बनती थी उसकी जगह रिफाइनरीज को रसोई गैस एलपीजी बनाने के लिए कहा गया और सात दिनों के भीतर भीतर एलपीजी के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई पहले जो 35000 मेट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन देश में होता था संकट के दौरान वो 54000 मेट्रिक टन टन बढ़ गया। जिन रिफाइनरी ने पहले कभी एलपीजी नहीं बनाया था, उन्हें भी इसके लिए क्फिगर किया गया है। साथियों, रसोई गैस की डिमांड का पूरा लोड एलपीजी पर ना पड़े। सरकार ने इसका भी ध्यान रखा। पीएनजी कनेक्शन यानी पाइप से रसोई गैस के कनेक्शन बढ़ाने का अभियान चलाया गया। बहुत ही कम समय में भारत ने करीब 11 लाख से ज्यादा घरों को गैस का पीएनजी कनेक्शन से जोड़ दिया। भाइयों बहनों हमने एक और सप्लाई को सुनिश्चित किया। दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पड़ने दिया। जो हालात थे उनमें घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹2000 तक जा सकती थी। बड़े-बड़े मार्केट एक्सपर्ट यही आकलन कर रहे थे। लेकिन हमारे यहां अभी भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹50 से भी कम में दिया जा रहा है। गरीबों को तो उज्जवला सिलेंडर ₹50 के भीतर पड़ रहा है। अब से दो दिन पहले सरकार ने कमर्शियल गैस की कीमतों में भी बहुत बड़ी कटौती कर दी है। यह दिखाता है कि हमारी सरकार कितनी संवेदनशीलता से काम कर रही है। साथियों, युद्ध की वजह से डीजल, पेट्रोल पर आया संकट भी बहुत बड़ा था। हमारे देश में तेल के बड़े-बड़े कुएं नहीं है। जब यह संकट बढ़ा तो क्रूड ऑयल की कीमतें 70 प्रति बैरल से $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। आयात के रास्ते भी बंद थे। दुनिया के कई देशों में डीजल पेट्रोल की कीमतों में 40 से 50% का इजाफा हो गया। कई देशों में तो डीजल पेट्रोल कोटे के आधार पर मिलने लगा था। लेकिन भारत में एक दिन भी ऐसे हालात नहीं आए। अफवाहएं बहुत फैलाई गई। लोगों को डराया गया, भड़काया गया। राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वह सफल नहीं हो पाए। दूर सुदूर इलाकों में भी छोटी मोटी अड़चनों के अलावा सप्लाई की कोई बड़ी चुनौती नहीं आई। अप्रैल से जून के बीच ही अकेले डीजल पेट्रोल में 75,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा कंपनियों को उठाना पड़ा। यानी एक नई रिफाइनरी बन जाए। इतना घाटा सहना पड़ा। और इस घाटे को पूरा करने की जिम्मेदारी सरकारी खजाने से उठाई गई। हमने प्रति लीटर ₹1 की एक्साइज ड्यूटी भी कम की और बहुत ज्यादा बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया। साथियों युद्ध के इसी समय में भारत की दूसरे देशों के साथ जो दोस्ती है ना वो दोस्ती भी बहुत काम आ गई। जब यह संकट शुरू हुआ था उससे पहले भारत 25 26 देशों से ही ईंधन का ऊर्जा का आयात करता था। लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिख गया। दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे समन इस संकट की घड़ी में बहुत काम आए। युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्र हित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है। नागरिक देवभव यह हमारा मंत्र है। साथियों इतनी अप्रत्याशित चुनौती से भेद ऐसे ही नहीं उभरा। इसके पीछे हमारी एक दशक से चल रही दूरदर्शी नीतियों की सफलता भी है। आज हम राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन यहां कर रहे हैं। हमने 2017 में इसके लिए एमओ साइन किया था। लेकिन 2018 से 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार रही। कांग्रेस के असहयोग के कारण यहां का काम लगभग ठप ही रह गया। लेकिन जैसे ही डबल इंजन सरकार आई इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज हम इसका लोकार्पण भी कर रहे हैं। और आप तो जानते हैं मेरी कार्यशैली जिसका शिलान्यास हम करते हैं उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं। इसी तरह भारत ने अपनी रिफाइनरी क्षमता को लगातार बढ़ाया है। अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में एक भी नई रिफाइनरी नहीं बनी है। यूरोप की रिफाइनरी क्षमता लगातार कम होती गई है। वही भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनरी क्षमता वाला देश बन चुका है। [हौसला बढ़ाने की आवाज़] और हम यहां रुकने वाले नहीं है। आने वाले वर्षों में ये क्षमता और भी बढ़ने वाली है। इन्हीं प्रयासों के कारण भारत सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से लड़कर उभरा है। साथियों दुनिया में युद्ध और अशांति से हमारे किसानों के लिए भी चुनौतियां पैदा होती है। अभी वेस्ट एशिया क्राइसिस खाड़ी के देशों का संकट और इसके पहले यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया में खाद का बड़ा संकट भी पैदा हुआ। फर्टिलाइजर के लिए समस्या पैदा हो गई। यूक्रेन युद्ध के बाद एक समय एक यूरिया की बोरी की कीमत ₹000 से भी ऊपर पहुंच गई थी। लेकिन हम अपने किसानों को जो दुनिया के बाजार में 3000 की बोरी थी हम मेरे देश के किसानों को हम सिर्फ ₹300 में देते रहे। और इसके लिए खजाने से लाखों करोड़ रुपए खर्च करने पड़े। सब्सिडी दी गई। आपूर्ति के लिए जो सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी। भारत ने उसके लिए भी समाधान निकाले। सरकार ने वैकल्पिक रास्ते तलाश। हमने कई देशों में हमारे द्वतावासों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी। दूसरे देशों से उर्वरक खरीदने की, खाद खरीदने की पहल की। आयात के साथ-साथ हमने घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया। उस पर ध्यान केंद्रित किया। और इतना ही नहीं हमने प्राकृतिक खेती जैसे विकल्पों को भी बढ़ावा दिया और जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ भी सख्ती की। साथियों इसी तरह हमने हमारे उद्योगों का एमएसएमएस का भी ध्यान रखा। एमएसएम को बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए हम इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम का एक नया चरण लेकर आए। इस स्कीम के तहत बैंकों ने एमएसएम को 20% तक का अतिरिक्त लोन दिया और सरकार ने एमएसएम के इन सभी लोन के लिए 100% गारंटी और यह मोदी की गारंटी है। इसका बहुत लाभ लघु उद्योगों को मिला। कुटीर उद्योगों को मिला। ऐसे ही अनेक फैसलों का नतीजा है कि आज हमारे छोटे बड़े उद्योग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथियों हमारी सरकार ने निरंतर निर्णय लिए क्योंकि हमें भारत के सामर्थ्य पर भरोसा था। हमें हमारे देशवासियों की क्षमताओं पर उनकी सूझबूझ पर हमारा शत प्रतिशत भरोसा था और आज मैं 140 करोड़ देशवासियों का आभार प्रकट करता हूं। मैं देशवासियों को नमन करते हुए धन्यवाद कहता हूं। जिस तरह वह इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे। जिस तरह देशवासियों ने अफवाह, डर और भ्रम फैलाने वालों का सामना किया। देश में अस्थिरता फैलाने की साजिशों को नाकाम किया। देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है। जो लोग भारत को असफल होते देखना चाह रहे हैं। इसके लिए भविष्यवाणी भी करने लग गए थे। वो जरूर आज निराशा की गर्त में पड़े होंगे। साथियों आज विकास परियोजनाओं के लोकार्पण शिलान्यास के साथ ही मुझे यहां एक पैड मां के नाम खेजड़ी का पौधा लगाने का सौभाग्य भी मिला है। मैं जानता हूं कि राजस्थान में खेजड़ी का कितना महत्व है। बढ़ते रेगिस्तान को रोकने में इसकी बहुत सार्थक भूमिका रही। इसलिए ये वृक्षारोपण हमारी कार्य संस्कृति का उदाहरण भी है। हमें प्रगति की नई ऊंचाइयों को भी छूना है और हमें पर्यावरण का संरक्षण भी करना है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ऊर्जा के दूसरे स्रोतों पर भी काम कर रही है। खासकर राजस्थान पर सूर्य देवता की कुछ ज्यादा ही कृपा है। इसलिए यहां विश्वस्तरीय सोलर पार्क बनाने का काम चल रहा है। पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत भी राजस्थान में 1.5 लाख से ज्यादा घरों को सोलर से जोड़ा जा चुका है। पीएम कुसुम योजना के तहत भी राजस्थान में किसानों को 65,000 से ज्यादा सोलर पंप भी दिए गए हैं। साथियों कठिन से कठिन लगने वाले संकल्प भी सिद्ध हो जाते हैं। अगर उनके पीछे की नियत साफ हो। यही बीजेपी और कांग्रेस में एक बहुत बड़ा अंतर है। साथियों, राजस्थान में पानी से जुड़ी परेशानियों का समाधान इसका एक और बड़ा उदाहरण है। आप सब जानते हैं कांग्रेस की सरकारों ने कभी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। लेकिन बीजेपी क्षेत्रवाद और बंटवारे की सियासत नहीं करती। बीजेपी राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलती है। हमने जब गुजरात में पानी पहुंचाने की योजनाओं पर काम किया था और राजस्थान को पानी देने की बात आई थी। मुझे बराबर यहां हिंदुस्तान के हर कोने में एक राज्य दूसरे राज्य से पानी के लिए लंबे अरसे से लड़ाईयां चल रही है। राजस्थान के लोगों को भी लगता था कि पता नहीं गुजरात नर्मदा का पानी देगा कि नहीं देगा। लेकिन हमारा सौभाग्य था कि राजस्थान में भी बीजेपी सरकार गुजरात में भी बीजेपी सरकार उस समय मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था। यहां बहन वसुंधरा जी यहां मुख्यमंत्री थी और हम दोनों ने मिलकर बिना कोई संघर्ष बिना कोई वाद विवाद बिना कोई आंदोलन बिना कोई लड़ाई गुजरात से नर्मदा का पानी राजस्थान के साथ साझा किया और राजस्थान के कई गांवों तक मां नर का पानी पहुंच रहा है। अभी भजन लाल जी बड़े भावुक होकर पानी की इस काम का वर्णन कर रहे थे। भाइयों बहनों अब जब राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों में भाजपा सरकार है तो पहली बार आपसी सहमति से समाधान निकाले गए। अब राजस्थान और हरियाणा सरकार मिलकर शेखावटी तक पानी पहुंचाएंगे। हाल ही में दोनों राज्यों के बीच समझौते पर मोहर भी लग चुकी है। इस समझौते के तहत हथनी कुंड बैराज से पानी राजस्थान लाया जाएगा। इसके लिए अंडर ग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसका लाभ सीकर, चूरू, झुंझुनू और आसपास के पूरे शेखावाटी क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलने वाला है। इस परियोजना पर लगभग 34,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। साथियों आने वाले समय में अपर यमुना बेसिन में रेणुका लखवाड़ और किसऊ बांधों का निर्माण पड़ा होने पर राजस्थान को पानी का और लाभ होगा। गांवों में नल से जल पहुंचाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ा है। राम जल सेतु परियोजना भी इसी सोच का परिणाम है। साथ ही राजस्थान में जल संरक्षण के लिए जल संचय जल भागीदारी भी बड़ी भूमिका निभा रही है। देश में इस अभियान के तहत जल संरक्षण के लिए करीब करीब 25 लाख 25 लाख सॉफ्टवेट्स बने हैं। राजस्थान में भी सवा लाख से ज्यादा सॉफ्टवेट्स बनाए गए हैं। इससे पानी संरक्षित हो रहा है। ग्राउंड वाटर का स्तर सुधर रहा है। मैं इन प्रयासों के लिए केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों को और शेखावटी क्षेत्र के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों आज जब देश कोई संकल्प लेता है, कोई लक्ष्य बनाता है तो राजस्थान उसके केंद्र में होता है। आज राजस्थान में तेज गति से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण हो रहा है। नए-नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। आज जयपुर मेट्रो फेज टू की आधारशिला और जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन ये राजस्थान के विकास को और गति देंगे और नई उड़ान देंगे। जयपुर में फेज टू पूरा होने के बाद जयपुर का कुल मेट्रो नेटवर्क 50 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। पूर्व पश्चिम और उत्तर दक्षिण मेट्रो नेटवर्क एक दूसरे से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को आसानी तो होगी। पर्यटकों के लिए सुविधा भी बढ़ेगी। साथियों आने वाले समय में हम हमें विकास के और भी नए आयाम छूने हैं। मुझे पूरा भरोसा है। आप सब इसी तरह डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद देते रहेंगे। हम साथ मिलकर राजस्थान के नए भविष्य का निर्माण करेंगे। इसी विश्वास के साथ मैं एक बार फिर राजस्थान रिफाइनरी के लिए अन्य विकास कार्यों के लिए देशवासियों को राजस्थान वासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय। दोनों मिट्टी ऊपर करके राजस्थान की ताकत नजर आए। भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय। बहुत-बहुत धन्यवाद।