Speech
Narendra Modi  ·  2026-07-30 00:00

PM’s address while inaugurating the CG Semi OSAT facility in Sanand, Gujarat | English Subtitles

केम छो गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अश्विनी वैष्णव ऊर्जावान उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी जी गुजरात सरकार के मंत्रीगण सांसद और विधायक गण सीजी पावर के चेयरमैन विलायन सुबैया जी रेनेसा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रेसिडेंट मालिनी जी सीजी सेमी के चेयरमैन गिरीश जी यहां मौजूद अन्य सभी इंडस्ट्री लीडर्स देवियों और सज्जनों आज का यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत जो ठान लेता है वो करके दिखाता है। 5 साल पहले भारत ने संकल्प लिया था कि देश को सेमीकंडक्टर हब बनाएंगे। हम डिजाइन इन इंडिया मेक इन इंडिया के मंत्र को लेकर आगे बढ़े। और आज देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट में भी चीफ पैकेजिंग का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है। साथियों 2024 में इस प्लांट का शिलान्यास करने का अवसर मुझे मिला था। 2025 के अगस्त महीने में यहां टेस्टिंग चिप्स का काम शुरू हुआ और आज इस प्लांट का उद्घाटन हो गया है। शिलान्यास से प्रोडक्शन तक का यह सफर निश्चित रूप से अनेक साथियों के परिश्रम का परिणाम है। सोया जी जैसे लोगों के नेतृत्व का परिणाम है। अभी मंच पर आने से पहले मुझे इस प्रोजेक्ट से जुड़े अनेक साथियों से बातचीत करने का भी मौका मिला। एक प्रकार से लगता है कि इस परिसर में एक मिनी इंडिया बसता है। [प्रशंसा] हर भाषा के, हर पहनाव के, हर खानपान के लोग यहां है। यानी एक अलग सा माहौल मैंने अनुभव किया। एग्बिशन विजिट के दौरान भी मैंने कई बेटे बेटियों से बातचीत की। और एक बात जिसको मैं बड़े गर्व से उल्लेख करना चाहूंगा। इन बच्चों का कॉन्फिडेंस लेवल जिस आत्मविश्वास से वो बातें कर रहे थे टेक्नोलॉजी के संदर्भ में जो उनका विश्वास था कहने का कम से कम मैं तो इंप्रेस हो हो गया। साथियों सीजी सेमी का ये प्लांट भारत, जापान और थाईलैंड के हमारे इंडस्ट्री पार्टनर्स के साझा प्रयासों का भी प्रतीक है। यह केवल एक बिजनेस वेंचर नहीं है। यह टेक्नोलॉजी भरोसे और साझेदारी का ऐसा मॉडल है जो भारत की सेमीकंडक्टर जर्नी को नई गति देने वाला है। बीते सवा दो सालों में आप सभी ने स्क्रैच से स्केल तक इस पूरी फैसिलिटी को आकार दिया है। आज हम इसके कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत कर रहे हैं। मुझे बताया गया है कि अभी यहां से हर साल 20 करोड़ चिप्स निकलेगी। 20 करोड़। आपको लगता होगा कि मोदी जी ने गलती कर दी। 20 लाख को 20 करोड़ बोल दिया। इसलिए ताली बजाने में देर हो गई। 20 करोड़ और मुझे बताया गया आप सभी यहीं नहीं रुकने वाले हैं। आपने हर साल 500 करोड़ चिप्स का लक्ष्य रखा है। [प्रशंसा] यानी हर दिन डेढ़ करोड़ से ज्यादा। मेरा पक्का विश्वास है कि आप उसे बहुत जल्द हासिल करके रहेंगे। [प्रशंसा] यह भरोसा इस बात का भी है कि सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम तेज गति पकड़ रहा है। स्टेप बाय स्टेप ब्रिक बाय ब्रिक और अब चीप बाय चीप [प्रशंसा] मैं सीजी सेमी की पूरी टीम को राज्य सरकार और पूरे देश को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों, मुझे जरा इस बात का थोड़ा आनंद ज्यादा है। आपको लगता होगा कि ऐसा क्या हो गया कि मोदी जी को जरा आनंद ज्यादा है। इसका कारण यह है कि 20 साल पहले शायद उससे भी पहले मैंने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लान लगाने के लिए सारी योजना बनाई। गांधीनगर और प्रात के पास 350 400 एकड़ जमीन तय कर ली। कुछ कंपनियों से बातचीत भी की। भारत सरकार भी उस समय बड़े-बड़े बयान दे रही थी तो कुछ कंपनियां बातचीत करने के लिए आती भी थी। लेकिन पता नहीं भारत सरकार को उस समय क्या हो गया। उनके पैरों में बेड़ियां लग गई। और बात आगे नहीं चली। आज जब मैं इसे देखता हूं तो मेरा 202 साल पुराना जो सपना और उस समय देश में इन विषयों की चर्चा कोई करता नहीं था। और मैं जब भी करता था तो यहां मीडिया वाले मेरी मजाक उड़ाते थे। उस समय नहीं हो पाया। लेकिन आज जब हो रहा है तो सर्वाधिक खुशी मैं अपने भीतर से अनुभव कर रहा हूं। आप देखिए अभी कुछ हफ्ते पहले खबर आई। मुझे हैरानी है कि मीडिया ने जितना उस पर ध्यान जाना चाहिए गया नहीं। भारत में बना हुआ C295 विमान बड़ौदा में बना और हवा में उड़ान भी भरी। एक जमाना था साइकिल बनाने वाला भी कोई आ जाए ना तो हम मिठाई बांटते दोस्तों आजकल हवाई जहाज बनाने वाले आ रहे हैं। [प्रशंसा] साथियों आप सभी जानकार लोग यहां बैठे हैं। मैं देख रहा हूं बहुत सारे युवा साथी भी यहां मौजूद है। हम अगर दुनिया के औद्योगिक इतिहास को देखेंगे तो एक बात स्पष्ट होती है। दुनिया की कोई भी ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावर किसी एक अकेली फैक्ट्री से नहीं बनी। इंडस्ट्रियल पावर की न्यू क्लस्टर्स होते हैं। अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ताइवान का शिचू साइंस पार्क, जापान का सिलिकॉन आइलैंड, सुकुवा साइंस सिटी ये सब क्लस्टर के महत्व को दर्शाते हैं। आज सानंद भी उसी दिशा में अपने कदम बढ़ा रहा है। [प्रशंसा] साथियों कुछ ही महीनों में यहां माइक्रोन केन्यास और सीजीएम ने प्रोडक्शन शुरू कर दिया। यानी देश में एक सेमीकंडक्टर क्लस्टर जन्म ले रहा है। और आज यहां चिप्स की पैकेजिंग हो रही है। कल यहां विशेष कंपनियां आएगी। केमिकल्स का उत्पादन होगा। नई टेस्टिंग लैब बनेगी। मशीनों की सर्विस करने वाले उद्योग आएंगे। डिजाइन सेंटर्स खुलेंगे और फिर यहां से नए स्टार्ट भी निकलेंगे। यही क्लस्टर की ताकत होती है। एक उद्योग सैकड़ों उद्योगों को जन्म देता है। सैकड़ों उद्योग लाखों रोजगार पैदा करते हैं। और यह लाखों रोजगार पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल देते हैं। और यह सिर्फ सारण में ही नहीं हो रहा। देश के अनेक राज्यों में भी सेमीकंडक्टर के क्लस्टर बन रहे हैं। साथियों, आज भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर के इस उभार से सभी उत्साहित है। देश दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। अक्सर लोग इसको आइसोलेशन में देखते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का विस्तार अचानक नहीं हुआ है। यह पिछले एक दशक में भारत में आई इलेक्ट्रॉनिक क्रांति का नेक्स्ट स्टेप है। साथियों हमने शुरुआत मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग से की। एक समय था जब भारत अपनी जरूरत से भी अधिकांश स्मार्टफोन ज्यादातर स्मार्टफोन हम विदेश से ही मंगाते थे और आज भारत में मोबाइल फोन प्रोडक्शन पहले के मुकाबले 33 गुना ज्यादा हुआ है। आज भारत यानी जो 2014 के पहले मोबाइल फोन बाहर से लाता था। आपने मुझे जब गुजरात से दिल्ली भेजा तो भारत मोबाइल दुनिया में भेज रहा है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है। और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपोर्टर भी है। साथियों, बीते वर्षों में हमने पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इको सिस्टम को मजबूत किया है। आज भारत का टोटल इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन 2014 के मुकाबले लगभग सात गुना बढ़ चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट लगभग 11 गुना बढ़ चुका है। साथियों हमारा प्रयास सिर्फ फाइनल प्रोडक्ट में आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं है। हमारा प्रयास कंपोनेंट्स में भी आत्मनिर्भरता की तरफ है। और इसलिए अब भारत का अगला कदम उठ रहा है। हम केवल मोबाइल नहीं बनाएंगे। हम केवल इलेक्ट्रॉनिक्स नहीं बनाएंगे। हम उन चिप्स का निर्माण भी करेंगे जिनसे इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी दुनिया चलती है। [प्रशंसा] और यही हमारी रणनीति है। पहले प्रोडक्ट फिर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर यानी इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी वैल्यू चैन भारत में होगी। यह विकसित भारत का रोड मैप है। यही मेक इन इंडिया का अगला चरण है। साथियों, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का नेक्स्ट स्टेप है क्रिटिकल मिनरल्स और हाईटेक मटेरियल्स में आत्मनिर्भरता। और अभी सुैया जी बीचबीच में गुजराती भी बोलते थे। उन्होंने गुजराती कहा सुनाई निशान चुक माफ पर नहीं माफ नीचू निशान। और इसलिए मेरा भी वही स्वभाव है। मैं लक्ष्य छोटे नहीं रखता। मैं सोच छोटी नहीं रखता। अगर स्टचू भी बनाता हूं तो दुनिया में सबसे बड़ा बना के रख देता हूं। [हौसला बढ़ाने की आवाज़] और जैसा सुबह जी ने कहा सुनते हो ना विनोद काम बोलता है [हौसला बढ़ाने की आवाज़] काम बोले थे ये जो प्रोग्रेस दिख रही है ये जो अचीवमेंट दिख रहे हैं। इससे जुड़ी सप्लाई चेन को मजबूत करना यह भी हमारा लक्ष्य है। आज भारत इसी दिशा में व्यापक प्रसार कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि चिप डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग तक का पूरा इको सिस्टम भारत में ही विकसित हो। और भारत चीफ तो बनाएगा ही। भारत का युवा मेड इन इंडिया चीफ पर एआई रोबोटिक्स और नेक्स्ट जैन टेक क्रांति को भी गति देगा। मुझे भारत की युवा शक्ति पर, भारत की युवा टैलेंट पर अटूट विश्वास है। मेरे देश की युवा शक्ति और उनके सामर्थ्य पर मेरा पूरा भरोसा है। साथियों मैं इस अवसर पर देश की युवा शक्ति से एक बात जरूर कहना चाहता हूं। जब भी दुनिया में कोई नई औद्योगिक क्रांति आती है तो सबसे अधिक अवसर युवाओं के लिए पैदा होते हैं। एक समय आईटी क्रांति आई तो उसमें लाखों भारतीय युवाओं को अपना सामर्थ्य दिखाने का मौका मिला। फिर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का दौर आया। उससे भी लाखों युवाओं को नए अवसर मिले। यह जो सेमीकंडक्टर रिवोल्यूशन और एआई रिवोल्यूशन का दौर है यह भी अनगिनत नए अवसर लेकर के आ रहा है। [प्रशंसा] रिसर्च और डिजाइन से लेकर स्टार्टअप इनोवेशन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट तक अनेक अवसर है। साथियों जरूरत नई स्किल की है, नए आइडियाज की है। अब मायने यह रखता है कि आपके पास नया आईडिया है या नहीं। आपके पास कुछ नया सीखने नया करने का जज्बा है या नहीं। मैं आज जिन बेटियों से मिला झारखंड, बालाघाट, मध्य प्रदेश, कोई केरल से कोई छत्तीसगढ़ से और जय जहर से हमारी बात शुरू हुई क्योंकि मैं उस क्षेत्र में रहा हूं तो मुझे पता है उन बेटियों ने जिस तेजी से चीजों को सीखा है और जिस तरीके से वह चीजों को वहां कंडक्ट कर रही थी गर्व होता है मेरे देश की युवा शक्ति पर साथियों आने वाले समय में एआई आपके सामने नई स्किल्स, नई एक्सपर्टाइज का पूरा संसार खोल देने वाली है। इसलिए भारत के युवाओं को अभी अवसर गवाना नहीं है। और मैं नौजवानों आपको कहता हूं आईडिया आपका साथ मेरा। [प्रशंसा] साथियों यह फैसिलिटी यह प्रोजेक्ट भी इस बात का प्रमाण है कि भारत के युवा कैसे नई संभावनाओं से जुड़ रहे हैं। यहां काम करने वाली बहन बेटियां जैसा मैंने कहा झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सारा ट्राइबल बेल से आई हुई बेटियां है। उन बेटियों ने जब मुझे फैक्ट्री दिखाई और बड़े जोश और उत्साह के साथ एक-एक चीज के बारे में विस्तार से मुझे बता रही थी। साधारण परिवार, साधारण स्कूल, आईटीआई की पढ़ाई। हमारे यहां तो आईटीआई में कोई दाखिल होता है ना तो मां-बाप किसी को बताते नहीं है कि आईटीआई पढ़ता है। शर्म आती है। अब वक्त बदल चुका है। आईटीआई वालों का जमाना है। पढ़ाई भले आईटीआई में हुई हो। इनके सपने असाधारण है। इनमें से कई बेटियों के परिवार में कभी किसी ने पासपोर्ट तक नहीं बनवाया था। देखा तक नहीं था। इनमें से कई बेटियों ने तो दिल्ली मुंबई तक नहीं देखा था। विदेश दिलाने की तो बात ही छोड़ दीजिए। लेकिन वही बेटियां ट्रेनिंग के लिए मलेशिया गई। दुनिया की सबसे आधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक सीखी। और आज यह सभी मेड इन इंडिया चिप निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। मुझे याद है जब सुपैया जी ने मुझे एक बार दिल्ली में एक वीडियो दिखाया था। तीन मिनट का वीडियो था। इन बेटियों के जीवन पर था। वो जंगलों में कैसे रहती थी? खटिया पर बैठ के कैसे पढ़ती थी? और फिर वह एयरपोर्ट पर अपना चेकअप के लिए खड़ी हुई है और जा रही है वह क्लीयरेंस करके मलेशिया के लिए। तो मैंने तुरंत उनको कहा था कि मैं हो सके उतना जल्दी जब भी गुजरात आऊंगा तो गवर्नर हाउस में इन बेटियों को बुलाकर इनसे बातचीत करूंगा। वह तो मैं नहीं कर पाया लेकिन आज मुझे वह अवसर मिल गया। थैंक यू सोया जी। [प्रशंसा] मैं इन सभी बेटियों को, उनके परिवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों आज का यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि भारत को विकसित बनाने के लिए हम कितने अधीर हैं। इस वर्ष की शुरुआत में मैंने कहा था कि वर्ष 2026 में चार सेमीकंडक्टर फैसिलिटी शुरू हो जाएगी। और आज मेरे मंत्री ने कह दिया नहीं चार नहीं पांच हो जाएगी। [प्रशंसा] और मुझे खुशी है कि छ महीने में तीन प्रोजेक्ट में प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। यानी आज का भारत बड़े लक्ष्य भी रखता है और उन्हें समय पर पूरा भी करता है। भारत यही भरोसा पूरी दुनिया को हर इन्वेस्टर को भी देता है। हमारी नीतियों में स्थिरता है। हमारे निर्णयों में स्पष्टता है। और हमारे एग्जीक्यूशन में गति है। मैं सीजी सेमी के मैनेजमेंट को अन्य इन्वेस्टर्स को भी आश्वस्त करता हूं। रिफॉर्म्स का जो रास्ता भारत ने चुना है, जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर हम चल पड़े हैं, वो और गति पकड़ेगा। आज का भारत ई ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। इसी कमिटमेंट से ही 140 करोड़ भारतवासी 2047 तक भारत को विकसित बनाकर रहेंगे। और आज 1820 साल के नौजवान है ना यह मोदी इसलिए मेहनत करता है कि जब आप 40 45 साल के हो जब आपके घर में बच्चे बड़े हो रहे हो तब आप अपने बच्चों को विकसित भारत में बड़े करते देख सके इसलिए मैं मेरी जिंदगी खपा रहा हूं आपके बच्चों के भविष्य के लिए [प्रशंसा] साथियों हम विकास के राह पर चल पड़े हैं। हम प्रगति की नईनई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और इसमें सेमीकंडक्टर का एक क्षेत्र एक बहुत बड़ी शक्ति बनकर के नया विश्वास पैदा कर रहा है। मैं आप सबको अनेक अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप भी ऊंचे लक्ष्य लेकर के चले। निशान चूक होगा तो देखा जाएगा। लेकिन हम चल पड़े। आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।