From startups to space! That's how PM celebrates the success of India's youth..
साथियों स्वामी विवेकानंद जी युवाओं की शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार मानते थे। उन्होंने स्वयं ये देखा था कि कैसे दुनिया के देश अपने युवाओं को शिक्षित बना रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से तब भारत गुलाम था। भारत के युवा भी गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए थे। उस दौर से लेकर अब तक भारत के युवा ने एक लंबी यात्रा तय की है। भारत का जो युवा कभी जंजीरों में था, आज वह युवा दुनिया के विकास को गति दे रहा है। [प्रशंसा] आज भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। किसकी वजह से? भारत के युवाओं के सामर्थ्य से। आज भारत में दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम है। किसकी वजह से? भारत के युवाओं के सामर्थ्य से। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। किसकी वजह से? भारत के युवाओं के सामर्थ्य से। आज भारत से बने डिजिटल सॉलशंस दुनिया के अनेक देशों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। किसकी वजह से? भारत के युवाओं के सामर्थ्य से। आज भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की नई यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। किसकी वजह से? भारत के युवा के सामर्थ्य से। आज भारत एआई डिपटेक स्पेस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के नए अध्याय लिख रहा है। किसकी वजह से? भारत के युवाओं के सामर्थ्य से। अभी कुछ दिन पहले ही हमने देखा है भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में कमाल कर दिया है। पहली बार युवाओं का बनाया हुआ [प्रशंसा] एक प्राइवेट कंपनी का रॉकेट अंतरिक्ष तक पहुंचा है। आज कोई भी सेक्टर हो भारत का युवा अपना दमखम दिखा रहा है। हम सभी अपने आसपास देख रहे हैं। आज छोटे से छोटे व्यवसाय में लगा युवा भारत की डिजिटल इकोनमी को आगे बढ़ा रहा है। वो मुद्रा लोन के जरिए नई शुरुआत कर रहा है। वो देश की स्टार्टअप रिवोल्यूशन को लीड कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत का अभियान हो, मेक इन इंडिया का अभियान हो, इसकी सफलता के पीछे भारत के युवाओं की ही ताकत है।