Speech
Narendra Modi  ·  2026-08-01 00:00

Better education, bigger opportunities and outlets for the nation's youth...

साथियों किसी भी देश में युवाओं का सामर्थ्य तभी उस राष्ट्र की शक्ति बनता है जब उसे सही अवसर मिले। जब उसे सही दिशा मिले और जब उसे अपनी ही धरती पर बड़े सपने देखने उन्हें पूरा करने का भरोसा मिले और इसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारे शिक्षा संस्थानों की होती है। मुझे खुशी है कि आज भारत में शिक्षण संस्थाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले 12 वर्षों में 650 से ज्यादा नई यूनिवर्सिटीज बनी है। [प्रशंसा] पिछले 12 वर्षों में करीब 14,000 नए कॉलेज बने हैं। [प्रशंसा] 4,000 से ज्यादा नई आईटीआई बनाई गई है। नौ नए आईआईएम, सात नई आईआईटी और 13 नए एमपी स्थापित किए गए हैं। आज देश में एमबीबीएस की सीटें करीब 1 लाख 400 हो चुकी है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 823 हो गई है। साथियों एक और हम एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्नाइज कर रहे हैं। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक जरूरतों के हिसाब से ढाला जा रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी भारत के युवाओं को 21वीं सदी के अनुरूप तैयार करने का माध्यम बन रही है। साथियों स्कूली शिक्षा में भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। देश भर में 14,000 से ज्यादा पीएम श्री स्कूल विकसित किए गए हैं। शिक्षा केवल किताबी ना रहे। बच्चों में इनोवेशन और साइंटिफिक टरामेंट विकसित हो। इसके लिए 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब स्थापित हुई है। साथियों, स्वामी विवेकानंद जी राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ-साथ समानता को भी उतना ही अहम मानते थे। शिक्षा में भेदभाव ना हो, अवसरों में भेदभाव ना हो। आज यह देश का विजन बन गया है। आज बेटियां भी सैनिक स्कूलों में एडमिशन ले रही है। एनडीए में बेटियां राष्ट्र के लिए योगदान दे रही है। आज मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी पढ़ाई मातृभाषा में करने की सुविधा हो गई है। इससे भाषा के आधार पर अवसरों में होने वाले भेदभाव पर लगाम लग रही है।