Vibrant Village Programme: This is how India's border villages are writing the story of development
सीमा पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। माननीय प्रधानमंत्री जी की इसी सोच के साथ देश आज बॉर्डर एरिया के गांव के सर्वांगीण और सर्वस्पर्शी [संगीत] विकास में लगातार लगा हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में यह आह्वान किया था। आप वाइब्रेंट विलेज अभियान का हिस्सा बनकर सीमावर्ती गांव में एक अनोखा अनुभव ले सकते हैं। इसके साथ ही वहां कल्चर और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज का हिस्सा जरूर बन सकते हैं। प्रधानमंत्री जी के इसी विज़न के साथ भारत के बॉर्डर के गांव के लोगों के अदम्य साहस, स्वाभिमान और देश प्रेम की भावना को और प्रगाढ़ करते हुए विकास को तेज गति देने की प्रेरक पहल है। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम। माय भारत द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं को सीमावर्ती गांव से जोड़कर [संगीत] उनकी संस्कृति, परंपरा, जीवन शैली और आकांक्षाओं से परिचित कराना है। 3 से 30 जून 2026 तक दो चरणों में आयोजित इस कार्यक्रम में ऑनलाइन क्विज के माध्यम से देश भर के 26,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इनमें [संगीत] से चयनित 403 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के बाद लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती गांव में भेजा गया। आईटीबीपी के मार्गदर्शन में युवाओं ने सीमा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, योग और नेतृत्व का प्रशिक्षण प्राप्त किया। स्थानीय परिवारों के साथ रहकर उन्होंने सीमांत भारत की समृद्ध विरासत को निकट से जाना। ग्राम पंचायतों, किसानों, [संगीत] महिला स्वसहायता समूहों और स्थानीय समुदायों से संवाद के माध्यम से स्वयंसेवकों ने ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता, स्थानीय आजीविका और महिला सशक्तिकरण के सफल मॉडल समझे। वहीं करियर काउंसिलिंग ने सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर भविष्य हेतु प्रेरित किया। स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, एक पेड़ वीरों के नाम के तहत वृक्षारोपण और नेशन फर्स्ट चैलेंज के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया [संगीत] गया। इस यात्रा के दौरान लद्दाख के हाले डार्क स्काई रिजर्व और इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जरवेटरी का भ्रमण हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत से परिचय तथा उत्तराखंड में आईटीबीपी जवानों के साथ ट्रैकिंग ने युवाओं को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किए। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। नमस्कार माय भारत की वजह से मुझे विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का हिस्सा बनने का मौका मिला। हियर वी सॉ स्कूल इज़ जनरेटिंग इलेक्ट्रिसिटी थ्रू दिसार पैनल। वी आर टेकिंग अ स्टेप टुवर्ड्स विकसित भारत थ्रू दी स्माल स्टेप्स। एंड वी आर रियली थैंकफुल टू द मिनिस्ट्री हु गव दिस अपोरर्चुनिटी। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम केवल एक अभियान नहीं बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सीमावर्ती गांव के समग्र विकास से जोड़ने वाला [संगीत] एक सशक्त मंच है जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। राष्ट्र की तरक्की युवा शक्ति।