Speech
Narendra Modi  ·  2026-07-26 00:00

The journey that helped young Nikita experience the true spirit of Bharat!

नमस्कार झूले माननीय प्रधानमंत्री जी मैं सोलंकी निकिता प्रवीण केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली दमन और डी से माय भारत की स्वयंसेविका हूं सर केम छो जी सर केम छो सर बहुत मजा मा तमे केम छो आपने एवा नेवा [गहरी सांस लेने की आवाज़] सर मैं आपके समक्ष विकसित वाइब्रेट विलेज प्रोग्राम में जो अनुभव साझा किए वो आपके समक्ष और मेरे साथियों के समक्ष रखना चाहूंगी कि सर सच कहूं तो मैंने कभी सोचा नहीं था कि चारों ओर समंदर से घिरे से मैं एक दिन भारत के दूसरे कोने में बसे हिमाचल प्रदेश पर्वतों के बीच में किन्नौर डिस्ट्रिक्ट के सीमावर्ती गांव चांगो विलेज में जाऊंगी। निकिता आप करते क्या हैं? सर मैं एलएलपी की स्टूडेंट हूं। लोगों की पढ़ाई कर रही हूं। और इसमें जाने का अवसर कैसे मिला आपको? सर मैंने माय भारत में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया और उसके बाद सर मुझे मालूम हुआ कि एक आपने जो बताया था उस प्रकार से विकसित एवरेज विलेज प्रोग्राम करके है। जहां पे हम युवाओं को वहां पे जुड़ने का और कुछ सीखने का मौका दिया जा रहा है। वो भी क्विज के खातिर। तो मैंने अपनी माय भारत प्लेटफार्म खोला। उस पे क्विज दी और फिर मेरा सिलेक्शन हुआ। अच्छा आपका किस गांव में जाना हुआ और क्या-क्या व्यवस्था उसके पहले कोई ब्रीफिंग हुआ नहीं हुआ? क्या-क्या हुआ सर? मैं मैं यहां से रिकंग पियो गई थी सर। रिकंग पियो में हमारा वहां पे सब तीन दिन तक मेडिकल चेकअप हुआ। हमें ब्रीफिंग किया कि हमें कैसे जाना है, कहां जाना है। फिर सर वहां से हमारी यात्रा शुरू हुई धार चांगो निचला की ओर सर। और वहां पर जाकर सर सच बताऊं तो मैंने सोचा नहीं था कि मैं एक छोटे से द्वीप से वहां सीमावर्ती गांव तक पहुंचूंगी सर लेकिन मुझे ये अवसर प्रदान हुआ है माय भारत के माध्यम से विकसित विलेज प्रोग्राम के तहत सर मैं बताना चाहूंगी और मेरे साथियों को भी ये बताना चाहूंगी कि एक लड़की होने के नाते सर परिवार से इतने दूर पहाड़ों के बीच इलाकों में मुझे जाना जाने का अवसर मिला सर ये तो बहुत ही नया सफर था और मेरे लिए चुनौटियों भरा भी। लेकिन सर जब मैं वहां गांव में पहुंची ना सर तो गांव वालों ने जिस प्रकार से मुझे हग करके स्वागत किया है गले लगा के मैं एक तरीके से तो भूल ही गई थी कि मैं दिव से आई हूं वहां पे और सर मैं वहां पे मेहमान नहीं थी। मैं वहां पे उनके परिवार का एक हिस्सा बन चुकी थी। उन्होंने तो सर मुझे अपनी बेटी मान लिया था। उसके बाद सर मैं ये कहना चाहूंगी कि मुझे गर्व है हमारे देश की बेटियों पे सर जो ऐसे कार्यक्रमों में निधन होके भाग ले रही है और यहां वहां पे दूरदराज बसे हिमालय के बीच इलाकों तक पहुंच रही है और वहां से नए अनुभवों के साथ वापस लौट रही है। तो मैं कहना चाहूंगी कि यह बदलाव सड़कों का नहीं लेकिन समाज की सोच का भी हुआ है और सर बेटियों के लिए अवसर बन रहे हैं और अवसरों पर भरोसा भी किया जा रहा है और यही हमारे देश की निदर बेटियां है सर हमारे नए आने वाले भारत की खूबसूरत पहचान है। निकिता जी आपको संभवत पता होगा कि हर दिवाली में अपने फौजी भाइयों से मिलने मैं बॉर्डर पर जाता हूं। यह संयोग है कि साल 2016 में मैं दिवाली पर बॉर्डर किनारे बसे चांगो क्षेत्र में ही गया था। वो देखिए आप चांगो के जिन गांव में गई क्या वहां महिला प्रधानों या जनप्रतिनिधियों से मिलने का अवसर मिला हां सर मिला ना हमें सर मैं जब डांगोरधार का भ्रमण कर रही थी गांव का तो वहां की प्रधान वहां पंचायत के प्रतिनिधि महिलाओं किसानों बुजुर्गों और बच्चों से सर मैं मिली उनसे बातचीत की और जब मैंने महिला प्रधान से सर बातचीत थी तो पता चला सर मुझे कि वो घर भी संभाल लेती है। अह खेती भी संभाल लेती है। वहां पे जॉब भी कर लेती है। और उससे सर मुझे एक हिंदी फिल्म का डायलॉग याद आ गया। वो स्त्री है कुछ भी कर सकती है। उनसे जो बातें हुई आपको क्या कोई कठिनाइयां भी बताती थी क्या? या उनके जीवन की कुछ विशेषताएं हैं जो हमारी तरफ नहीं होती है। ऐसा कुछ आपके ध्यान में आया क्या? हां सर मैं जब यहां दींग पीओ से चांगो के लिए सर गई तो मैंने तो अपनी तैयारी कर रखी थी के वहां पे मैंने देखा था सर रील्स में कि वहां पे नेटवर्क्स नहीं होते। वहां पे लाइट नहीं आती सर। और जब मैं वहां पे निकली सर और मैंने जो रास्ते देखे सर पर्वत इतने ऊंचे ऊंचे पर्वतों और ढलान वाली जगह पे इतने पक्के रास्ते तब मैं सोच रही थी फिर मैंने वहां के लोगों से जाके बात की उनसे पूछा कि ये कैसे है? तो वो बोल रहे थे कि पहले ये सब नहीं था। पहले हमें बहुत तकलीफें होती थी। लेकिन यह सिर्फ संभव हो पाया है। हमारे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यह सड़कें बनी है। और साथ ही उन्होंने यह भी बताया मुझे। [प्रशंसा] ये भी बताया कि पहले हमारे घर पे ना पीने का पानी नहीं आता था। लेकिन अब हमारे प्रधानमंत्री जी की वजह से आज जल जीवन मिशन के तहत हमारे घर पर पीने का पानी मिल रहा है। साथ ही साथ उन्होंने मुझे यह भी बताया कि आप लोग तो यह सोच के आए थे ना कि यहां पे लाइट नहीं होगी। पावर बैंक ले आए होंगे। तो मैंने बोला कि हां तो उन्होंने बताया कि नहीं यहां पे 24ों घंटे बिजली रहती है और नेटवर्क कनेक्टिविटी रहती है और यहां पे प्रधानमंत्री जी के वजह से आयुष्मान भारत के तहत हम सभी लोगों का स्वास्थ्य पे भरोसा भी बढ़ा है और हमारा जीवन आसान हुआ है। सर एक बात बोलूं मैं आपसे? हां बताइए। सर मैं कहना चाहूंगी कि पहली बार मैंने विकास कहां पे देखा? पता है आपको? मैंने विकास देखा वहां की महिलाएं बुजुर्गों और हंसते खेलते बच्चों के हंसते मुस्कुराते चेहरों में सर और मैं खुद शॉप हो गई सर। अच्छा वो वो लोग आपको क्या सवाल पूछते थे जब आप उनसे बात करते थे वहां पे छोटी आयु के बच्चे होंगे आपकी बराबरी के होंगे कुछ महिलाएं माताएं बहने होंगी वो आपसे क्या जानना चाहती थी सर वो पूछ रहे थे कि आप लोग यहां तक कैसे आए आप कहां पे देखते हो यहां तक कैसे पहुंचे आप आपको कैसे पता चला कि सीमा गांव यहां पे है ऐसी ऐसी ये सब है तो मैंने बोला उनको कि हमारे नरेंद्र मोदी मोदी जी ने प्रधानमंत्री जी ने माय भारत प्लेटफार्म अवसर एक प्रदान किया है। प्लेटफार्म दिया है जिसके थ्रू हम रजिस्ट्रेशन करवाया। उसके बाद हमें ये प्रोग्राम में 20 कॉमटीशन के द्वारा आने का मौका दिया गया। हमें तो पता भी नहीं था कि सीमा क्षेत्र में भी हमारे गांव है। लेकिन आज प्रधानमंत्री जी की वजह से हमें इस गांव तक आने का मौका मिला और देखने का मौका मिला। सर मैं बताना चाहूंगी कि वो जब मुझे पूछ रहे थे ना कि आप कहां पे रहते हो? तो मैं बताती थी कि मैं ना दादरा एंड नगर हवेली दमन और डीहू में रहती हूं तो वो कैसा दिखता है तो सर मैं बड़े प्यार से बता दी थी वो वो समुंदर के लिए पूछते होंगे कि समंदर कैसा होता है क्योंकि आप तो समुद्री तट से गई थी तो [गला साफ़ करने की आवाज़] हां सर उन्होंने मैंने उनको बताया वो छोटे-छोटे सर बच्चे भी पूछ रहे हैं दीदी आप कहां से हो कैसा दिखता है आपका गांव तो मैंने उसको बताया कि हमारे द्वीप पे चारों ओर समंदर है तू बोल रही थी सर मुझसे मुझे भी ले चलिए ना दीदी मुझे भी ले चलिए ना दीदी तो मैंने बोला कोई बात नहीं मैं तुमको भी लेके चलूंगी कभी किसी दिन अच्छा आने के बाद उनसे संपर्क रखा है हां सर मैं आने के बाद ना वहां पे जिसने बड़े प्यार से मुझे रखा था ना शकुंतला मैम और सुभाष सर उनसे WhatsApp पे बात होती रहती है सर मैं बताना चाहूंगी चांगो से सर वापस हम बीकांग भी आए ना तो आंटी फोन करके पूछती है कि बेटा पहुंच गए सही है। तबीयत ठीक है। खाना खा लिया सर। मैं तो अपने घर पे फ़ लगाना भूल गई थी। फिर एक दिन मेरे पापा ने फोन करके बताया कि निकिता हमको तो भूल ही गई हो लगता है। मैंने बोला कि मुझे महसूस ही नहीं हो रहा कि मैं अपने घर से दूर आई हूं। अच्छा निकिता जी आप पहले भी कहीं गई है ऐसे अकेले घूमने? अपने तरफ अपनी हिम्मत करके कहीं जाना हुआ। ऐसा कभी हुआ पहले? नहीं सर। ये पहली बार तो घर के लोगों को क्या लग रहा है अब? सर यहां के जो मैं यहां से बाहर निकली ना सर तब मेरे माता-पिता ने मुझे पूछा था कि तुम कैसे जाने वाले हो? मगर सर मैं अकेली सफर करके यात्रा करके निकली तब मुझे सर बचपन में जो कविताएं मैंने सुनी थी भारत के बारे में वो आज मैंने वास्तविक रूप से भारत को महसूस करके जिया है सर। और जब मैं सर वापस घर पे आई ना तब मेरी मम्मी पापा मुझे क्या पूछ रहे पता है आपको? वो पूछ रहे हैं कि मैंने पूछा कि आप मैं आ गई अब तो आप खुश होंगे ना। तो वो बोल रहे हैं हमें भरोसा है हमारे प्रधानमंत्री जी पे कि हमारी बच्चियों को और से और ऊपर तक लेके जाएगी। मैं क्या हां हां हमारे प्रधानमंत्री जी की ही वजह से मैं वहां तक पहुंच पाई हूं। कभी गांव वालों से कभी गांव वालों से वीडियो कॉन्फ्रेंस कीजिए और आपके पूरे परिवार को बिठाकर गांव वालों से बातचीत कीजिए क्योंकि आजकल तो वहां भी 4G तो पहुंच ही चुका है। जी जी सर सर मैं एक बात बोलूं आपसे। हां बोलिए आप तीसरी बार बोल रही हो। सर मैं बताना चाहूंगी कि सर हम जब सात दिनों तक वहां पे रुके ना सर तो हम लोग अलग-अलग एक्टिविटीज कर रहे थे सर। और पहली बार जब हम स्वच्छता अभियान के लिए निकले लोगों के साथ तो हमने वहां पर कौन सा गीत गाया पता है सर? साफ सफाई करते-करते हम गा रहे हैं नौजवान आओ रे नौजवान गाओ रे और सर ऐसा लग रहा था कि हम अपने घर में गीतगना गुनगुनाते हुए काम कर रहे हैं और सर उससे भी बड़ी बात आपको बताऊं ये थी सर हम दूसरे दिन गए बच्चों के साथ खेलकूद करने के लिए सर हम वॉलीबॉल खेल रहे थे और वहां के बच्चों के साथ मिलके सर जो हमने नारे लगाए हैं सर आप सुनिए जरा वो नारे ये थे सर हम शिव शक्ति हशा हम युवा शक्ति हशा हम जीतने वाले हशा हम आदि शक्ति हशा सर ये सुन के तो पूरे बॉडी में रोंगटे खड़े हो रहे थे लग रहा था सर कि जैसे मैं हमारे आज के जो हमारे मीराबाई का जो प्रोग्राम होने वाला है एथलेटिक्स में मैं सोच रही हूं सर कि यही नारे मैं उसको प्रोत्साहित करने के लिए घर बैठे-बैठे लगाऊं। देखिए हमारे देश में सदियों से एक अच्छी परंपरा रही सामूहिकता की और सामूहिकता के साथ गीत गातेगाते कामों को करना और उस काम के साथ गीत भी बना देना जो जिस प्रकार का काम हो उसी का गीत बना देना यह हमारे देश की बहुत बड़ी विशेषता रही है। उस सामूहिकता से शक्ति आती थी और गीत गाने से तनाव मुक्त काम होता रहता था। अच्छा निकिता जी आजकल सोलो ट्रैवलिंग का बहुत ट्रेंड चल रहा है। सोलो ट्रैवलिंग इज अ वे ऑफ डिस्कवरिंग द वर्ल्ड व्हाइल डिस्कवरिंग योरसेल्फ। एक तरीके से आप लोग भी सोलो गए थे मगर वापस आते हुए माय भारत ने सबको परिवार बना दिया होगा। आपने पूरी यात्रा अकेले ही की है। यह भारत की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि हमारा हर युवा, हर बेटी इसी भरोसे और आत्मविश्वास से आगे बढ़े। आइए अब देखते हैं कौन हमारे साथ जुड़ रहा है। जी जी सर धन्यवाद। जय हिंद जय भारत वंदे।