Seamless digital connectivity - that’s what sums up Ashish’s visit to this border village!
नमस्कार माननीय प्रधानमंत्री जी नमस्ते आशीष जी मैं आशीष सोनी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का एक गर्वित वालंटियर हूं। मैं शक्तिपीठ मां शीतला के पावन धरातल से हम सबके चहेते और हम सब युवाओं के फ्रेंड्स माननीय प्रधानमंत्री जी को प्रणाम करता हूं। आपको भी प्रणाम। सर सबसे पहले मैं आपको हृदय की गहराइयों से धन्यवाद देता हूं कि आपने इस बार बजट निर्माण की प्रक्रिया में युवा की आवाज को महत्व दिया तथा उनके विचारों और सुझाव को भी इंक्लूड किया। यह कोई आम बजट नहीं था। यह बजट युवा भागीदारी और युवा के प्रति आपका विश्वास था सर। आशीष जी [प्रशंसा] एक तो आपके विषय में बताइए और दूसरा आपका किस गांव में जाना हुआ? सर मैं अभी करेंटली यूपीएससी के लिए प्रिपेयर कर रहा हूं। सर मुझे हिमाचल प्रदेश के स्पीति के काजा खास में जाने का मौका मिला। सर जब मेरे घर पे मेरे मम्मी पापा को पता चला कि मुझे हिमाचल में जाना है तो वो बहुत परेशान हो गए क्योंकि वो बता रहे थे कि एक वक्त था कि हमें किसी से बात करना होता था तो बार-बार टेरेस पर जाना पड़ता था। नेटवर्क ही नहीं आते थे। सर जब मैं इस्पति पहुंचकर 14000 फीट की ऊंचाई से उन्हें वीडियो कॉल करता हूं तो उनकी आंखों में एक चमक और चेहरे पर आश्चर्य दिखाई देता है। उस समय मुझे लगता है सर कि माई भारत ने दो पीढ़ियों को जोड़ दिया है। एक वह पीढ़ी जिसने संघर्ष देखा और एक वह पीढ़ी जो परिवर्तन को देख रही है। [प्रशंसा] तो टेक्नोलॉजी ने हिंदुस्तान के हर कोने तक अपना साम्राज्य बिछा दिया है। यस सर। अच्छा आशीष जी जी सर। सिक्किम के दुनिया के सबसे ऊंचे डाकघर का आपने कोई उपयोग किया? यस सर। मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस जब सिंकी सिक्कि स- सिक्किम पर पहुंचा, तो सर मुझे लगा कि लोकेशन आउट ऑफ कवरेज हो गया है। बट यह देश आउट ऑफ कनेक्शन नहीं होता सर। मैंने स्पेशली अपने फ्रेंड प्रधानमंत्री जी को एक पत्र लिखा जिसमें मैंने बताया कि सर मैं तहे दिल से आपका बहुत-बहुत आभार करता हूं कि आप हर दिन युवाओं को एक नया अवसर देते हैं कि जिससे यह हुआ विकसित भारत का नेतृत्व कर सके। वहां से मैंने अपने परिवार को मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स, डिफेंस मिनिस्टर और अपने डीएम सर को पत्र लिखा। सर, मुझे वहां पर ऐसा फील हुआ कि यह देश मेट्रो एयरपोर्ट से ही नहीं कनेक्टेड है। यह देश उस छोटे-छोटे पोस्ट ऑफिसों से भी कनेक्टेड है जो अपने तिरंगा की तरह अडिग खड़े रहते हैं। सर हिक्किम के पोस्ट ऑफिस से हम देश के किसी कोने में अपना संदेश पहुंचा सकते हैं। सर वहां मुझे बस एक गीत ही याद आ रहा था। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। [प्रशंसा] आशीष जी दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस में जाना यह अपने आप में जीवन की बड़ी महत्वपूर्ण घटना है। क्या आपने वहां खड़े होकर कोई सेल्फी ली, फोटो लिए, उस डाकघर के फोटो अपने दोस्तों को भेजे। आपके जीवन की वो यादगार घटना को आपने कैमरा में कैच किया क्या? सर मैंने बहुत सारी फोटो लिए, रील्स बनाई, ब्लॉग्स भी बनाया और सोशल मीडिया पे अपलोड भी किया और माय भारत गवर्नमेंट ने उसको सर रिपोस्ट भी किया है। नहीं उस डाकघर का। जी सर मैंने लिया। हां। बहुत सारे फोटो बनाए सर। ब्लॉग्स बनाए, रील्स बनाई। अच्छा अजीज जब आपने इस सीमावर्ती गांव में और वहां भी कहते हैं कि अब तो हर गांव में डिजिटल पेमेंट पहुंच गया है। शायद वहां यूपीआई का भी पेमेंट हुआ होगा। वो भी कभी अनुभव आया क्या? सर मेरे लिए ये जैसे आपको लगा कि आपकी वीडियो कॉन्फ्रेंस हो रही है। पहले आपके गांव में छत पर जाते थे तब कनेक्शन मिलता था। कनेक्टिविटी मिलती थी। वहां आपको Facebook पर बात कर पाते थे, वीडियो कर सकते थे। यह डिजिटल ट्रांजक्शन का हमारा काम जो चल रहा है, उसका वहां क्या अनुभव है? सर, मेरे लिए सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि 14,000 फीट की ऊंचाई पर क्यूआर कोड से पेमेंट करना। सर, जहां सांस लेना मुश्किल था, ऑक्सीजन की कमी थी, वहां पे डिजिटल इंडिया पूरी सहजता के साथ चल रहा था। मैंने डिजिटल इंडिया को बस एक मिशन ही नहीं समझा। सर डिजिटल इंडिया एक ऐसा मिशन है जो देश के कोने-कोने में लोगों का विश्वास बना हुआ है। अच्छा आने के बाद आपके दोस्त आपको क्या पूछ रहे हैं और आप क्या बता रहे हैं? सर आने के बाद सब ने पूछा कि कैसे गए? क्या हुआ? फिर मैंने माय भारत के रजिस्ट्रेशन के बारे में उनको बताया। सर मैं आपसे एक एक्सपीरियंस और शेयर करना चाहता हूं कि सर मुझे सेल्फ हेल्प ग्रुप में माताओं बहनों से मिलने का मौका मिला। जब मैं वहां पर पहुंचा तो सर मैंने अपनी आंखों से देखा कि वो विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का भविष्य लिख रही हैं। किसी के हाथ में फोन है। वो डिजिटल माध्यम का प्रयोग करके अपना सामान बेच रही है। कोई माताएं बहने होम स्टे चला रही हैं। और सर वहां सी भक्तून की खेती होती है। कोई सी भक्तून से एनर्जी ड्रिंक बना रही हैं। मैंने उन सबके साथ मिलकर बैठ के सर उन्हें पीएम मुद्रा योजना के बारे में बताया। दीनदयाल अंतोदय योजना के बारे में बताया कि किस इस सब गवर्नमेंट स्कीम का वह प्रयोग करके ज्यादा से ज्यादा अपनी इकोनॉमिक एक्टिविटी को बूस्ट कर सके सर और मेरे लिए सबसे अच्छा यह था कि सर मैं चीचम ब्रिज पर गया। 2017 के पहले चीचम ब्रिज बना सर। 2017 के पहले कोई भी कनेक्टिविटी किब्बर गांव से और चीचम से कुछ नहीं था सर। वो बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने जब वो ब्रिज बनाया आज किब्बर और चीचम गांव की कनेक्टिविटी बहुत अच्छे से हो गई है। वहां पे टूरिज्म सर बहुत अच्छे से बढ़ रहा है। इकोनॉमिक एक्टिविटी बहुत अच्छे से बूस्ट हो रही है और सर वहां पे नाइट टूरिज्म का स्कोप बहुत अच्छा है क्योंकि रात में सर वहां पे जो तारे हैं बहुत क्लियर दिखाई देते हैं। शॉपिंग वगैरह किया कि नहीं किया? हां सर बहुत शॉपिंग किया। डिजिटल पेमेंट किया क्योंकि मैं देश के सब लोगों से आग्रह करता हूं कि आप कहीं यात्रा पर जाएं, कहीं टूरिज्म पर जाएं। तो यह हमारा जिम्मा है कि हमारा टोटल जो खर्च है बजट यात्रा का या प्रवास का या टूर का, ट्रैवल का पूरा खर्चा घर से निकले तब तक उसका कम से कम 5% पैसा स्थानिक लोगों से कुछ ना कुछ खरीदना चाहिए। कुछ ना कुछ खरीद कर लाना चाहिए ताकि वहां के लोगों को भी रोजगार मिले और उनकी पहचान हिंदुस्तान के कोनेकोने तक पहुंचे और इसलिए खरीद जरूर करना चाहिए। यस चलिए आशीष जी बहुत अच्छा लगा आप सब से बात करके सभी नौजवानों से बात कर करके मेरी तरफ से आपको शुभकामना है।