PM Modi’s address while launching multiple development projects in Hyderabad| English Subtitles
तेलंगाना के राज्यपाल श्रीमान शिव प्रताप शुक्ला जी राज्य के मुख्यमंत्री श्रीमान रेवंता रेड्डी जी केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी जी किशन रेड्डी बंटी संजय कुमार संसद के मेरे साथी पोंडा विश्वेश्वर रेड्ड जी, तेलंगाना सरकार के मंत्री, अन्य जनप्रतिनिधि, देवियों और सज्जनों, साहिबराबाद का सामर्थ्य नेशनल भी है और ग्लोबल भी है। यह तेलंगाना के और देश के तेज विकास का प्रमुख केंद्र है। इसलिए आज साहिबराबाद से तेलंगाना को देश का एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस बनाने के लिए अनेक बड़े प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। आज जिन प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इससे यहां हजारों हजार नए रोजगार बनेंगे और तेलंगाना की कनेक्टिविटी भी सशक्त होगी। मैं तेलंगाना की जनता को इनोजेस के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों आज भारत रिफॉर्म्स एक्सप्रेस पर चल रहा है। साथ ही आज का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना रहा है। जहीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया के निर्माण के पीछे भी यही लक्ष्य है। यह इंडस्ट्रियल एरिया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने के भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। यह एक प्रकार से इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है। यहां वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर होगा। बेहतरीन पावर सप्लाई होगी। एडवांस आईसीटी नेटवर्क होगा। यानी दुनिया भर के निवेशकों के लिए यहां हर वह सुविधा होगी जो इंडस्ट्री के लिए उन्हें जरूरी है। इन सुविधाओं के निर्माण के लिए भारत सरकार के हजारों करोड़ रुपए लगेंगे और तेलंगाना हैदराबाद के हजारों नौजवानों को रोजगार का माध्यम बनेगा। यहां बनने वाली गाड़ियां, मशीनरी, यहां लगने वाले फूड प्रोसेसिंग उद्योग। यह तेलंगाना के श्रमिकों और किसानों को भी सशक्त करेंगे। साथियों अतीत में जब भारत दुनिया की बहुत बड़ी इकोनमी था तब हमारे वस्त्र उद्योग की बहुत बड़ी भूमिका थी। अब हम अपनी उस विरासत को फिर से सशक्त कर रहे हैं। वारंगल का पीएम मित्र पार्क देश में टेक्सटाइल क्रांति को गति देगा। पीएम मित्र पार्क में लगने वाली यूनिट्स को केंद्र सरकार की योजनाओं का भी पूरा लाभ मिलेगा। उन्हें केंद्र सरकार की पीएलआई स्कीम से भी मदद मिलेगी। यानी इस टेक्सटाइल पार्क से बड़ी संख्या में रोजगार का निर्माण होगा। खासतौर पर जो हमारी बहनें बेटियां हैं उनके लिए अनेक अवसर बनने वाले हैं। साथियों बीते 12 वर्षों में भारत सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता आधुनिक कनेक्टिविटी भी रही है। रोड्स हो, रेलवे हो, एयरपोर्ट हो कनेक्टिविटी के हर मोड़ पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। करीब पौने दो लाख करोड़ की इन्वेस्टमेंट सिर्फ और सिर्फ नेशनल हाईवे पर की गई है। और इसका बहुत बड़ा लाभ तेलंगाना को भी हो रहा है। बीते 11 वर्षों में तेलंगाना में नेशनल हाईवे का नेटवर्क डबल हुआ है। तेलंगाना और कर्नाटका को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से बहुत सुविधा होगी। इससे ट्रैवल टाइम कम होगा और किराए भाड़े में भी बचत होगी। साथियों साल 2014 से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए 1000 करोड़ से भी कम का रेलवे बजट होता था। रेवंता जी सुन रहे हैं ना संयुक्त आंतर के समय रेलवे का बजट ₹1000 करोड़ से भी कम था। आज सिर्फ संयुक्त आंध्र की बात नहीं कर रहा। आज सिर्फ तेलंगाना का रेलवे बजट ही लगभग 5000 करोड़ का है। वर्तमान में करीब ₹000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट्स पर यहां काम चल रहा है। तेलंगाना में पांच वंदे भारत और छह अमृत भारत ट्रेनें भी चल रही हैं। साथियों अभी कुछ देर पहले काजीपेठ विजयवाड़ा मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के कुछ सेंक्शन का लोकार्पण हुआ है। इसके अलावा काजीपेठ रेल अंडर बाईपास लाइन का भी राष्ट्र को समर्पित की गई है। इन सुविधाओं से सफर भी आसान होगा और ट्रांसपोर्टेशन की गति भी तेज होगी। साथियों 21वीं सदी की इस दुनिया में बिना ऊर्जा सब काम ठप पड़ जाता है। एनर्जी सिक्योरिटी का क्या महत्व है? यह आज दुनिया का हर व्यक्ति महसूस कर रहा है। इसलिए भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर हमारी केंद्र सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मलकापुर में इंडियन ऑयल के नए टर्मिनल का उद्घाटन इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह टर्मिनल तेलंगाना की बढ़ती एनर्जी नीड्स को पूरा करेगा। सप्लाई चेन को मजबूत करेगा। साथियों बीते सालों में सोलर पावर के मामले में भारत दुनिया के टॉप देशों में पहुंच चुका है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर अभूतपूर्वक काम हुआ है। पहले हमने शत प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर फोकस किया। अब हम पाइप से सस्ती गैस पर फोकस कर रहे हैं। सीएनजी आधारित व्यवस्था को प्रमोट कर रहे हैं। ऐसे तमाम प्रयासों के कारण भारत इस बहुत बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। लेकिन अब आज समय की यह भी मांग है कि पेट्रोल डीजल गैस ऐसी चीजों का बहुत संयम से इस्तेमाल करें। जो एनर्जी प्रोडक्ट हम विदेशों से मंगाते हैं हमें प्रयास करना है कि जितनी जरूरत है उतना ही उपयोग करें। इससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी और युद्ध के संकट से होने वाले दुष्प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। साथियों आज तेलंगाना का युवा नए सपने देख रहा है। यहां का किसान नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यहां के उद्योग, यहां के एमएसएम, यहां के स्टार्टअप सब एक विकसित तेलंगाना के निर्माण में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। क्योंकि तेलंगाना विकसित होगा तो भारत विकसित होगा। मैं तेलंगाना के हर परिवार जनों को यह भरोसा दिलाता हूं कि आपके सपने पूरे करने के लिए केंद्र सरकार ही इससे भी और तेज गति से काम करती ही रहेगी। अब हमारे रेवंता जी ने कहा था कि हां हम पॉलिटिकल बात नहीं करेंगे तो मैं भी नहीं करूंगा और इसलिए नॉन पॉलिटिकल बात मैं रेमता जी से कहूंगा कि 10 साल के शासन में भारत सरकार ने जितना गुजरात को दिया वो मैं आपको देने को तैयार हूं। लेकिन मेरी जानकारी से मैं आपको बता देता हूं कि जैसे ही मैं ऐसा करूंगा आपको जो अभी मिल रहा है वह आधा हो जाएगा। आप जहां पहुंचना चाहते हैं नहीं पहुंच पाएंगे और इसलिए अच्छा है कि मेरे से ही जोड़ो साथियों हमारा यह पक्का विश्वास है कि डेमोक्रेसी में राज्यों में अलग-अलग प्रकार की सरकारें होना कोई बुरी चीज नहीं है। लेकिन देश के विकास के लिए राज्यों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव ही नहीं है। और इसलिए हमारी सारी योजना के केंद्र बिंदु में राज्यों का विकास हो, तेज गति से विकास हो। उस भाव को लेकर के हम सब मिलकर के चलें और 2047 विकसित भारत का सपना हम अपनी आंखों के सामने सिद्ध होता देखें। यही मेरी सबको शुभकामना है। बहुत-बहुत धन्यवाद।